
केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि 18 फरवरी महाशिवरात्री को होगी घोषित
इसी दिन तय होंगी केदारनाथ, मद्मेश्वर, विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी, ओंकारेश्वर मंदिर के पुजारी
उखीमठ। ग्यारवें ज्योतिर्लिंग भगवान केदारनाथ के कपाट खोलने व पंचमुखी उत्सव डोली के उखीमठ से धाम रवाना होने की तिथि आगामी 18 फरवरी महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर विद्वान आचार्यों, हकहकूकधारियों, मंदिर समिति के पदाधिकारियों , अधिकारियों व कर्मचारियों की उपस्थिति में शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर में पंचांग गणना के अनुसार घोषित की जाएगी।
बद्री – केदार मंदिर समिति की ओर से कपाट खोलने तथा पंचमुखी चल विग्रह डोली के उखीमठ से धाम रवाना होने की तिथि घोषित होने की तैयारियां शुरू कर दी गई है। इस वर्ष भगवान केदारनाथ के शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर को लगभग 8 कुंतल गेंदे के फूलों से सजाया जाएगा तथा विगत वर्षो की भांति इस वर्ष भी महाशिवरात्रि पर्व पर भंडारे का आयोजन किया जाएगा। जानकारी देते हुए मंदिर समिति के कार्यधिकारी आरसी तिवारी ने बताया कि भगवान केदारनाथ के कपाट खोलने तथा पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली के उखीमठ से कैलाश रवाना होने की तिथि
परंपरानुसार आगामी 18 फरवरी को महाशिवरात्रि पर्व पर विद्वान आचार्यों, हकहकूक धारियों व मंदिर समिति के पदाधिकारियों, अधिकारियों की मौजूदगी में पंचांग गणना के अनुसार घोषित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि महाशिवरात्रि पर्व पर ही केदारनाथ, मद्महेश्वर , ओंकारेश्वर मंदिर व विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी तीर्थों में छह माह ग्रीष्मकालीन पूजा के लिए प्रधान पुजारियों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी तथा महाशिवरात्रि पर्व पर भगवान केदारनाथ व द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर के शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर को लगभग 8 कुंतल गेंदे के फूलों से सजाया जाएगा। उन्होंने बताया कि विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी महाशिवरात्रि पर्व पर ओंकारेश्वर मंदिर में भक्तों हेतु विशाल भंडारे का आयोजन होगा।



