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साहित्यकार जीवन्ती देवी खोयाल की कहानी संग्रह पीड़ का लोकार्पण समारोह रंगारंग सास्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हुआ समपन्न

लक्ष्मण सिंह नेगी।
ऊखीमठ। तीलू रौतेली पुरूस्कार से सम्मानित व मदमहेश्वर घाटी की वरिष्ठ साहित्यकार जीवन्ती देवी खोयाल की कहानी संग्रह पीड़ का लोकार्पण समारोह रंगारंग सास्कृतिक कार्यक्रमों के साथ समपन्न हुआ। लोकार्पण समारोह में जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने बढ़ – चढकर भागीदारी की जबकि कवियों ने अपने कविताओं के माध्यम से देवभूमि उत्तराखंड की महिमा, रीति – रिवाजों का विस्तृत वर्णन किया। मदमहेश्वर घाटी के जी आई सी रासी में आयोजित लोकार्पण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता कुशाल सिंह नेगी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड व पर्वतराज हिमालय की महिमा को जन – जन तक पहुंचाने में साहित्यकारों, संगीतकारों व लेखकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि जीवन्ती देवी खोयाल की कहानी संग्रह पीड़ हमें सघर्ष से जीने की प्रेरणा देती है। विशिष्ट अतिथि केदार घाटी के वरिष्ठ साहित्यकार आचार्य कृष्णानन्द नौटियाल ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड के पग – पग साहित्य लिखने के सुनहरे अवसर है इसलिए युगीन पुरूषों का केदार घाटी से अनादिकाल से विशेष लगाव रहा है। उन्होंने कहा कि लेखकों व साहित्यकारो को बडे़ सघर्ष के बाद सफलता प्राप्त होती है। जिला पंचायत सदस्य कालीमठ विनोद राणा ने कहा कि तीलू रौतेली पुरूस्कार से सम्मानित जीवन्ती देवी खोयाल ने हमेशा सघर्ष किया है तथा उनका सघर्ष युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है। साहित्यकार जीवन्ती देवी खोयाल ने कहा कि कहानी संग्रह में सघर्ष शील व्यक्तियों के सघर्षो को सजोने से कहानी संग्रह का नाम पीड़ ( पीड़ा) रखा गया है। विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रदीप पुष्वाण ने सभी आगन्तुकों का आभार व्यक्त किया। लोकार्पण समारोह में कवि प्रदीप पुजारी, राकेश असवाल, सतीश भटट्, राकेश जिरवाण, सुमन नेगी, दिनेश खोयाल ने अपनी कविताओं के माध्यम से देवभूमि उत्तराखंड की महिमा का विस्तृत वर्णन किया जबकि जी आई सी रासी के नौनिहालों ने अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये जिसका दर्शकों ने देर सांय तक भरपूर आनन्द उठाया। लोकार्पण समारोह की अध्यक्षता प्रधान रासी कुन्ती नेगी व संचालन पूर्व प्रधान राकेश नेगी ने किया। इस मौके पर मदमहेश्वर घाटी विकास मंच के पूर्व अध्यक्ष मदन भटट्, प्रधान पाली सरूणा प्रेमलता पंत, बुरुवा सरोज भटट्, कमलेन्द्र नेगी, क्षेत्र पंचायत सदस्य बलवीर नेगी, राकेश्वरी मन्दिर समिति अध्यक्ष जगत सिंह पंवार, पूर्व प्रधान रूप सिंह नेगी, राकुमारी राणा, सरिता नेगी, कुवर सिंह रावत, कमल सिंह नेगी, रतन सिंह नेगी, मनोज खोयाल, प्रकाश पंवार,हेमलता, उमेद सिंह राणा, दीपक खोयाल, भगत सिंह बिष्ट, रवीन्द्र भटट्, शिव सिंह नेगी, लाल सिंह रावत, जसपाल पंवार, पूर्ण सिंह पंवार, पूर्ण सिंह खोयाल, नरेन्द्र भटट्, योगेन्द्र नेगी, सहित विभिन्न क्षेत्रों के जनप्रतिनिधि, साहित्यकार, लेखक, संगीतकार व ग्रामीण मौजूद थे।

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