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बनातोली में मोरखंडा नदी पर बना अस्थायी पुल नदी की तेज धाराओं में बहा, विभागीय अधिकारी मौके के लिए रवाना

लक्ष्मण सिंह नेगी।

विगत वर्ष 14 अगस्त को मोरखंडा नदी में 70 के दशक में बना लोहे का गार्डर पुल नदी की तेज धाराओं में समा गया था।

ऊखीमठ। द्वितीय केदार मदमहेश्वर यात्रा के आधार शिविर बनातोली में मोरखंडा नदी पर बना लकड़ी का अस्थायी पुल नदी की तेज धाराओं में समा गया है। केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के अनुसार मदमहेश्वर धाम में लगभग 50 तीर्थ यात्रियों सहित स्थानीय व्यापारी फस गये हैं। मदमहेश्वर घाटी में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से मोरखंडा नदी के जल स्तर पर निरन्तर वृद्धि देखने को मिल रही है, बता दे कि विगत वर्ष 14 अगस्त को मोरखंडा नदी में 70 के दशक में बना लोहे का गार्डर पुल मोरखंडा नदी की तेज धाराओं में समा गया था तथा प्रशासन द्वारा मदमहेश्वर धाम में फसे 500 तीर्थ यात्रियों का हेलीकॉप्टर से रेक्स्यू कर रासी गाँव पहुंचाया गया है। लोहे के गार्डर पुल के मोरखंडा नदी की तेज धाराओं में समाने के बाद लोक निर्माण विभाग द्वारा मोरखंडा नदी पर लकड़ी का अस्थायी पुल बनाकर आवाजाही शुरू कर दी गयी थी मगर बीती रात्रि को मोरखंडा नदी के जल स्तर में भारी वृद्धि होने से लकड़ी का अस्थायी पुल मोरखंडा नदी की तेज धाराओं में समाने से तीर्थ यात्रियों व ग्रामीणों की आवाजाही पूर्णतया ठप हो गयी है, प्रधान गौण्डार बीर सिंह पंवार ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा शासन – प्रशासन से ट्राली लगाने की मांग की जा रही थी मगर आज तक ट्राली का निर्माण नहीं हो पाया है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियन्ता मनोज कुमार भटट् ने बताया कि बनातोली में अस्थायी पुल बहने की सूचना प्राप्त हुई है विभागीय अधिकारी मौके के लिए रवाना होने के निर्देश दिए गए हैं शीध्र वैकल्पिक व्यवस्था के माध्यम से मदमहेश्वर धाम के लिए आवाजाही सुचारू करनी की सामूहिक पहल की जायेगी।

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