छात्र पुलिस कैडेट योजना का हुआ शुभारंभ, विद्यालयों में छात्र छात्राओं को सामाजिक बुराईयां सहित कानून की दी गई जानकारी

छात्र पुलिस कैडेट योजना का हुआ शुभारंभ, विद्यालयों में छात्र छात्राओं को सामाजिक बुराईयां सहित कानून की दी गई जानकारी
छात्र पुलिस कैडेट योजना के तहत चयनित विद्यार्थियों को किट (पी-कैप व टी शर्ट) भी वितरित की गयी।
रुद्रप्रयाग। उत्तराखण्ड पुलिस मुख्यालय से प्राप्त निर्देशों के क्रम मे जनपद रुद्रप्रयाग मे छात्र पुलिस कैडेट योजना प्रारम्भ की गयी है। योजना हेतु जनपद में प्रबोध कुमार घिल्डियाल क्षेत्राधिकारी रुद्रप्रयाग को नोडल अधिकारी नियुक्त करते हुए जनपद के कतिपय विद्यालयों का चयन कर विद्यार्थियों को इस योजना से जोड़ा गया है। छात्रों को आवश्यक जानकारी दिये जाने हेतु पुलिस के स्तर से मास्टर ट्रैनर्स भी नियुक्त किए गए हैं।
छात्र पुलिस कैडेट योजना का उद्देश्य समाज में शैक्षिक और कानून प्रवर्तन अधिकारियों के बीच का आपसी समन्वय है जो कि छात्रों को जिम्मेदार नागरिकों के रूप में विकसित करने, कानूनी जानकारी रखने, समाज के कमजोर वर्गों के लिए सहानुभूति और सामाजिक बुराइयों के प्रतिरोध को आजीवन व्यक्तिगत आदतों के रूप में प्रकट करने, नशीली दवाओं और नशीले पदार्थों से मुक्त परिसर और स्कूलों में छात्रों के बीच सकारात्मक मूल्यों के सुदृढीकरण को सुनिश्चित करने, स्वस्थ समाज बनाने के लिए कानून प्रवर्तन अधिकारियों के सहयोग से काम करने के लिए प्रोत्साहित करती है। यह योजना युवाओं के शारीरिक, मनोवैज्ञानिक और शैक्षिक विकास को बढ़ावा देने के लिए मौजूदा कानून प्रवर्तन बुनियादी ढांचे का उपयोग करती है। युवा दिमागों को प्रबुद्ध नागरिकों के रूप में विकसित करके समुदायों के सामाजिक-लोकतांत्रिक ताने-बाने को गहरा करने का प्रयास करती है जो कानूनों का पालन प्रवर्तन द्वारा नहीं बल्कि एक प्राकृतिक और तर्कसंगत कार्य के रूप में करते हैं। स्टूडेंट पुलिस कैडेट योजना का तात्पर्य किसी को पुलिसकर्मी बनाना नहीं बल्कि समाज के प्रत्येक युवा सदस्य के भीतर कानूनी ज्ञान रखने और जिम्मेदारी का निर्वहन करने वाला व्यक्तित्व विकसित करने का प्रयास करता है।
इसी क्रम में आज मास्टर ट्रेनर उपनिरीक्षक दमयन्ती गरोड़िया एवं यातायात उपनिरीक्षक कमल कुमार द्वारा राजकीय इंटर कॉलेज रतूड़ा में स्टूडेंट पुलिस कैडेट योजना के अन्तर्गत छात्र छात्राओं को जानकारी दी गई। मास्टर ट्रेनर्स द्वारा स्कूल के छात्र छात्राओं से वार्ता करते हुए अपराध रोकथाम के तरीकों, साइबर क्राइम के तरीकों, बच्चो के साथ होने वाली घटनाओं को पुलिस को अवगत कराने, बाल विवाह, बाल मजदूरी, पोक्सो अधिनियम, डायल 112, साइबर क्राइम हैल्पलाइन 1930 के बारे में जानकारी दी गई।
वर्तमान में लांच किये गये उत्तराखण्ड पुलिस एप की विशिष्टताओं की जानकारी दी गयी। इस ऐप की जानकारी देते हुए बताया गया कि अब किसी भी प्रकार की पुलिस सम्बन्धी शिकायतों, महिला सम्बन्धी अपराधों की शिकायतें, साइबर शिकायतें सत्यापन, वाहन चोरी, मोबाइल की गुमशुदगी आदि इस ऐप के माध्यम से कर सकते हैं। साथ ही यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों की शिकायत इस एप में ही जोड़े गये उत्तराखण्ड ट्रैफिक आइज एप के माध्यम से कर सकते हैं।
इस ऐप पर सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों के नम्बर, महत्तवपूर्ण कानूनी जानकारी, सभी जनपदों के सोशल मीडिया प्लेटफार्म को भी जोड़ा गया है। आपातकाल में एसओएस बटन भी दिया गया है, जिसे क्लिक करने पर तत्काल सम्बन्धित नजदीकी पुलिस द्वारा आवश्यक मदद की जायेगी। सभी छात्र छात्राओं को इस एप को डाउनलोड किये जाने के साथ-साथ अपेक्षा की गयी कि इसे अपने घर परिवार तथा समाज के अधिक से अधिक लोगों तक अवश्य पहुंचायें।
इस अवसर पर छात्र पुलिस कैडेट योजना के तहत चयनित विद्यार्थियों को किट (पी-कैप व टी शर्ट) भी वितरित की गयी।



