नारायणकोटि में आयोजित चक्रव्यूह मंचन में अभिमन्यु वध देख भावुक हुए दर्शक

नारायणकोटि में चक्रव्यूह मंचन, अभिमन्यु वध देख भावुक हुए दर्शक
ब्यूरो। केदारघाटी के नारायणकोटि में नौ वर्षो बाद आयोजित पांडव नृत्य के 28 वें दिन चक्रव्यूह लीला का मंचन किया गया। जिसको देखने के लिए हजारों की संख्या में ग्रामीण पहुँचे। चक्रव्यूह के दौरान अर्जुन पुत्र अभिमन्यु ने छह द्वारों को ध्वस्त किया, जबकि सातवें द्वार पर दुर्योधन ने वीर अभिमन्यु को गोदी में बैठा कर षडयंत्र के तहत उसका वध किया। इस दृश्य को देख दर्शक भावुक हो गए।
चक्रव्यूह मंचन के दौरान कौरवों की ओर से रचाये गए चक्रव्यूह के छह द्वारों को अर्जुन पुत्र अभिमन्यु ने आसानी से भेद दिया, मगर अंतिम सातवें द्वार पर दुर्योधन और अन्य कौरव दल ने छल करके वीर अभिमन्यु का वध कर दिया।
28 नवंबर से आयोजित पांडव नृत्य लीला के 28 वें दिन चक्रव्यूह लीला में पहुंचे मुख्य अतिथि केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल ने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों से नई पीढ़ी को भी अपनी पौराणिक परंपराओं और रीति-रिवाजों के बारे में जानकारी मिलती है। उन्होने कहा कि केदारघाटी में पौराणिक नृत्य की परंपरा युगों पूर्व की है। राज्य सरकार देवभूमि के आध्यात्मिक, धार्मिक, पौराणिक व सांस्कृतिक परंपराओ के संरक्षण-संवर्धन के प्रति संकल्पबद्ध है। उन्होने कहा कि परंपराएं घटती-बढती रहती है मगर संस्कृति हमेशा समान रहती है। संस्कृति को जीवित रखने के लिए सभी को एक मंच पर आने की आवश्यकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी हमारी पौराणिक परंपराएं जीवित हैं।
पाडंव नृत्य कमेठी अध्यक्ष दलवीर पुजारी ने सभी आगंतुको का आभार प्रकट करते हुए कहा कि आम जनमानस की सहभागिता से आयोजित पांडव नृत्य धीरे-धीरे समापन की ओर है। चक्रव्यूह का मंचन देखने दूर दराज गांवों से पहुंचे भक्तों का हम आभार प्रकट करते हैं। चक्रव्यूह का मंचन निर्देशक प्रदीप पुजारी के निदेंशन में किया गया।
इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता खुशाल सिंह नेगी, चारधाम होटल एसोसिएशन उपाध्यक्ष प्रेम गोस्वामी, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष भाजपा सुमन जमलोकी, भाजपा मंडल अध्यक्ष किरन शुक्ला, सुभाष रावत, विनोद देवशाली, भगत सिंह कोटवाल, वेद प्रकाश जमलोकी, रॉय सिंह राणा, पाडंव नृत्य कमेठी सचिव विजय रावत, अवधेश रावत, संदीप पुजारी जबर सिंह भलवान, लखपत पुंडीर, गोविन्द सिंह पुजारी, आशीष गोस्वामी, मयंक पुजारी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्रामीण एवं हजारों दर्शक मौजूद रहे।



