केदारनाथ धाम के लिए हेली सेवाएं शुरू, हेलीपैडों पर लौटी रौनक

दूसरे चरण में 15 से 30 सितंबर तक के सभी ऑनलाइन टिकट बुक, आठ कंपनियां तीन सेक्टरों से भर रहीं उड़ान
फाटा ( रूद्रप्रयाग)। केदारनाथ धाम की यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए मंगलवार से हेली सेवा दोबारा शुरू हो गई है। प्रातः मौसम साफ होते ही केदारघाटी के विभिन्न हेलीपैडों से केदारनाथ धाम के लिए उड़ानों का संचालन शुरू कर दिया गया। हेली सेवा शुरू होने से हेलीपैडों पर एक बार फिर रौनक लौट आई है और यात्रियों की आवाजाही बढ़ने लगी है।
बरसात के सीजन के कारण कुछ समय तक बंद रही हेली सेवा को यात्रा के दूसरे चरण में 15 सितंबर से पुनः शुरू किया गया है। उड़ान संचालन से पहले डीजीसीए की ओर से संबंधित हेली कंपनियों के सुरक्षा मानकों और व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया। निर्धारित सुरक्षा मानकों की जांच के बाद कंपनियों को उड़ान संचालन की अनुमति प्रदान की गई।
केदारनाथ धाम के लिए केदारघाटी के तीन सेक्टरों से आठ हेली कंपनियां सेवाएं दे रही हैं। गुप्तकाशी सेक्टर से ट्रांस भारत और चिप्सन हेली, फाटा सेक्टर से थम्बी हेली, राजश हेली एविएशन, यूनाइटेड हेली और पिलग्रिम हेली एविएशन तथा शेरसी सेक्टर से हिमालय हेली और एरो एविएशन द्वारा उड़ानों का संचालन किया जा रहा है।
दूसरे चरण के तहत यूकाडा की ओर से 15 सितंबर से 30 सितंबर तक 16 दिनों के लिए ऑनलाइन टिकट जारी किए गए हैं। बताया गया कि इस अवधि के सभी ऑनलाइन टिकट पूरी तरह बुक हो चुके हैं। यूकाडा ने यात्रियों से हेली सेवा के टिकट केवल अधिकृत आईआरसीटीसी वेबसाइट के माध्यम से ही बुक करने की अपील की है, ताकि फर्जी टिकट और ठगी से बचा जा सके।
हेली सेवा शुरू होने से केदारनाथ धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को काफी सुविधा मिलेगी। विशेष रूप से बुजुर्ग, दिव्यांग तथा ऐसे यात्री जो पैदल यात्रा करने में सक्षम नहीं हैं, उनके लिए हेली सेवा काफी महत्वपूर्ण साबित होती है। हेली उड़ानों का संचालन शुरू होने के साथ ही केदारनाथ यात्रा में भी तेजी आने की उम्मीद है।
ट्रांसभारत के बेस इंचार्ज रेक सिंह ने बताया कि बरसात के बाद द्वितीय चरण के लिए सभी हेली कंपनियां केदारघाटी में पहुंच चुकी है। डीजीसीए द्वार सुरक्षा मानकों को पूर्ण करने के बाद ही उड़ान की अनुमति दी गई है। आज से सभी हेली सेवाओं ने केदारनाथ धाम के लिए उड़ाने शुरू कर दी हैं ।
प्रशासन की ओर से हेली सेवा संचालन पर लगातार निगरानी रखने तथा निर्धारित सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की बात कही गई है। मौसम की स्थिति और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए ही उड़ानों का संचालन किया जाएगा।



