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सड़क निर्माण को लेकर गैड़-बष्टी के ग्रामीणों का श्रमदान जारी, राज्य मंत्री और लोनिवि के अधिकारी पहुंचे, ग्रामीण लिखित आश्वासन पर अड़े

लक्ष्मण सिंह नेगी।

तीन माह में पत्रावली तैयार करने का दिया भरोसा ।
शनिवार को लिखित आश्वासन मिलने की उम्मीद ।

ऊखीमठ। मदमहेश्वर घाटी की ग्राम पंचायत गैड़ के बष्टी तोक को यातायात से जोड़ने की मांग को लेकर ग्रामीणों का श्रमदान अभियान लगातार जारी है। वर्षों से सड़क सुविधा की बाट जोह रहे ग्रामीणों के प्रयासों के बीच शुक्रवार को राज्य मंत्री चण्डी प्रसाद भट्ट और लोक निर्माण विभाग के एई नरेन्द्र कुमार श्रमदान स्थल पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से वार्ता कर मोटर मार्ग निर्माण की दिशा में आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया। लोक निर्माण विभाग ने तीन माह के भीतर सड़क निर्माण से संबंधित पत्रावली तैयार करने का आश्वासन दिया है, लेकिन ग्रामीण मौखिक आश्वासन से संतुष्ट नहीं हुए और लिखित आश्वासन मिलने तक श्रमदान जारी रखने की बात पर अड़े रहे।
श्रमदान स्थल पर ग्रामीणों की समस्याओं और मोटर मार्ग की आवश्यकता को गंभीरता से सुनते हुए राज्य मंत्री चण्डी प्रसाद भट्ट ने लोक निर्माण विभाग एवं वन विभाग के उच्चाधिकारियों से दूरभाष पर वार्ता की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सड़क निर्माण से जुड़ी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने और पत्रावली शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि बष्टी तोक को यातायात सुविधा से जोड़ने की दिशा में ठोस पहल हो सके।
गौरतलब है कि गैड़ ग्राम पंचायत का बष्टी तोक आज तक सड़क सुविधा से वंचित है। ग्रामीण पिछले करीब दस वर्षों से तोक को मोटर मार्ग से जोड़ने की मांग उठाते आ रहे हैं। सड़क के अभाव में ग्रामीणों को अपने कृषि उत्पादों के विपणन सहित रोजमर्रा की आवाजाही में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। लंबे समय तक मांग पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के बाद ग्रामीणों ने स्वयं श्रमदान कर सड़क निर्माण शुरू करने का निर्णय लिया। ग्रामीणों ने चार दिनों में करीब तीन सौ मीटर सड़क तैयार कर अपने संकल्प और एकजुटता का परिचय दिया है। श्रमदान अभियान के दौरान उत्तराखंड क्रांति दल के नेता आशुतोष भण्डारी भी मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों के साथ श्रमदान कर चुके हैं। अब राज्य मंत्री और विभागीय अधिकारी के पहुंचने से सड़क निर्माण की मांग को लेकर चल रहे प्रयासों को नई उम्मीद मिली है। हालांकि ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि जब तक विभाग की ओर से लिखित आश्वासन नहीं दिया जाता, तब तक वे श्रमदान रोकने के पक्ष में नहीं हैं । ग्रामीणों के रुख को देखते हुए लोक निर्माण विभाग शनिवार को उन्हें लिखित आश्वासन देने की तैयारी में है। यदि विभाग निर्धारित समय सीमा के साथ लिखित आश्वासन देता है, तो ग्रामीण श्रमदान अभियान को विराम देने पर विचार कर सकते हैं। फिलहाल सभी की निगाहें शनिवार को होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं। अब देखना होगा कि वर्षों से सड़क सुविधा की प्रतीक्षा कर रहे बष्टी तोक के ग्रामीणों की मांग आश्वासन से आगे बढ़कर धरातल पर कब उतरती है। इस मौके पर प्रधान राजेन्द्र सिंह पंवार, पूर्व प्रधान राजेश्वरी देवी, नरेन्द्र पंवार, क्षेत्र पंचायत सदस्य रजनी देवी, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य संगीता देवी, विशेश्वरी देवी, दीपा देवी, फगण सिंह पंवार, जसमति देवी, बलवीर राणा सुशीला देवी, देवेश्वरी देवी, वन्दना देवी, निशा देवी, शशि देवी, कुंवरी देवी, आशा देवी, जसमति देवी सहित चार दर्जन से अधिक ग्रामीण मौजूद थे।

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