रुद्रप्रयाग पुलिस का ‘ऑपरेशन क्रैक डाउन’ शुरू, देवभूमि में संदिग्धों के लिए नहीं जगह

रुद्रप्रयाग पुलिस का ‘ऑपरेशन क्रैक डाउन’ शुरू, देवभूमि में संदिग्धों के लिए नहीं जगह
रूद्रप्रयाग। प्रदेश की शांत वादियों में पहचान छिपाकर रहने वाले संदिग्धों और आपराधिक तत्वों के विरुद्ध उत्तराखण्ड पुलिस ने अब मोर्चा खोल दिया है। पुलिस महानिदेशक, उत्तराखण्ड के निर्देशों पर 15 फरवरी से पूरे राज्य में एक माह का सघन “Operation Crack Down Verification Drive” शुरू किया गया है।
नवनियुक्त पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग नीहारिका तोमर ने कार्यभार ग्रहण करते ही बैठक के दौरान जनपद के सभी थाना, सर्किल और चौकी स्तर पर इस अभियान को युद्धस्तर पर लागू करने के निर्देश दिए हैं।
अभियान के तहत प्रत्येक थाने में विशेष फील्ड टीमें SI, ASI, HC और कॉन्स्टेबल गठित की गई हैं। ये टीमें होटल, होम स्टे, आश्रम, हॉस्टल, किराये के मकानों, फैक्ट्रियों और निर्माण कार्यों में लगे श्रमिकों का मौके पर जाकर सत्यापन कर रही हैं।
जनपद स्तर पर एक समर्पित ‘डेटा विश्लेषण टीम’ बनाई गई है। एकत्रित सूचनाओं का मिलान राष्ट्रीय पोर्टलों (National Databases) से किया जाएगा ताकि अन्य राज्यों के अपराधियों या संदिग्धों की पहचान हो सके।

अभियान का मुख्य फोकस उन बाहरी व्यक्तियों पर है जो अपनी वास्तविक पृष्ठभूमि छिपाकर जनपद में निवास कर रहे हैं।
एसपी रुद्रप्रयाग ने स्पष्ट किया है कि सभी मकान मालिक, होटल, होम स्टे संचालक और ठेकेदार अपने यहाँ रहने वाले किरायेदारों या श्रमिकों का विवरण सम्बन्धित थाने में अनिवार्य रूप से जमा करें। विवरण छिपाने या सत्यापन न कराने वालों के विरुद्ध विधिक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
एसपी नीहारिका तोमर ने कहा है कि “जनपद की सुरक्षा और शांति व्यवस्था हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। ‘ऑपरेशन क्रैक डाउन’ का उद्देश्य देवभूमि की मर्यादा को सुरक्षित रखना और उन असामाजिक तत्वों को चिह्नित करना है जो अपनी पहचान छिपाकर यहां किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने की फिराक में रहते हैं। विशेषकर महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा के दृष्टिगत यह अभियान बेहद निर्णायक साबित होगा।”

उन्होंने आम जनमानस से अपील की कि वे अपने आस-पास किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरन्त पुलिस को दें। आपकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी।



