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गर्भवती महिलाओं, शिशुओं में होने वाले प्रमुख रोगों से बचाव हेतु फोर्टिफाइड भोजन के प्रति करें जागरूक, फूड फोर्टिफिकेशन पर एक दिवसीय कार्यशाला

फूड फोर्टिफिकेशन पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन, गर्भवती महिलाओं, शिशुओं में होने वाले प्रमुख रोगों से बचाव हेतु फोर्टिफाइड भोजन के प्रति करें जागरूक

रुद्रप्रयाग। मुख्य विकास अधिकारी नरेश कुमार की अध्यक्षता में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि द्वारा विकास भवन सभागार में नवाचार फूड फोर्टिफिकेशन पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें विभिन्न विभागीय अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने उपस्थित प्रतिभागियों को बताया कि गर्भवती महिलाओं, शिशुओं में होने वाले प्रमुख रोगों से बचाव हेतु उक्त फोर्टिफाइड भोजन का प्रचार किया जाना आवश्यक है। उन्होंने होटल व्यवसायियों को मोटा अनाज वर्ष 2023 के तहत अपने रेस्टोरेंट में पहाड़ी व्यंजन परोसे जाने का आह्वान किया। साथ ही खाद्य सुरक्षा प्रशासन तथा एफएसएसएआई द्वारा होटलों के ऑडिट किए जाने के फलस्वरूप प्रदत्त हाइजीन रेटिंग सर्टिफिकेशन का भी वितरण किया गया।
आयोजित कार्यशाला में अभिहीत अधिकारी मनोज सेमवाल ने श्रव्य एवं दृश्य साधनों से फूड फोर्टिफिकेशन (खाद्य पोषकीकरण) की जानकारी देते हुए बताया कि भारत में लगभग 20 करोड़ लोग अल्प पोषित हैं जो भोजन में सूक्ष्म पोषक तत्वों से वंचित हैं। 70 प्रतिशत लोग विटामिन डी की कमी से ग्रसित हैं जिसमें सभी वर्ग के लोग शामिल हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के साथ किए गए एमओयू के अंतर्गत व्यापक स्तर पर खाए जाने वाले भोज्य पदार्थों जैसे आटा, चावल, नमक, दूध व तेल में इन सूक्ष्म पोषक तत्वों विटामिन ए, डी, बी-12, फोलिक एसिड तथा आपस को निर्माण के स्तर पर वैज्ञानिक रीति से मिलाकर खाद्य को पोषक एवं अरोग्य बनाया जा रहा है।
इस अवसर पर जिला पूर्ति अधिकार केके अग्रवाल, निदेशक डेयरी श्रवण कुमार शर्मा, खाद्य सुरक्षा अधिकारी बलवंत सिंह चौहान, खाद्य पूर्ति निरीक्षक, आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां, पीडीएस कार्यकर्ता तथा होटल रेस्टोरेंट व व्यापारी उपस्थित थे।

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