परिवार से बिछड़ी तेलगु भाषी महिला को पुलिस ने किया परिवार के सुपुर्द

टेक्नालॉजी व अपने अनुभव का इस्तेमाल कर केदारनाथ यात्रा में आये श्रद्धालुओं को मिलवा रही पुलिस।
रुद्रप्रयाग। श्री केदारनाथ धाम यात्रा में देश के हर प्रदेश से श्रद्धालु बाबा के दर्शनों को पहुंच रहे हैं। अलग अलग प्रदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बोली भाषा मे काफी अलगपन है इसी तरह तमिल और तेलगु भाषी यात्री धाम आते हैं परन्तु उनकी भाषा नहीं समझ पाते हैं, भारतवर्ष विविधताओं से भरा देश है।
ऐसा ही वाकया कल रात में देखने को मिला जब दिनांक 6 मई की रात्रि में शटल पार्किंग गौरीकुण्ड में देर रात्रि करीब 12:30 बजे एक 72 वर्ष की आंध्र प्रदेश से आई वृद्ध महिला कस्तूर अम्मा केदारनाथ धाम से वापस आते समय अपने परिजनों से बिछड़ गई थी जो हिंदी या अंग्रेजी भाषा नहीं जानती थी और अपने परिजनों के सम्बन्ध में हिंदी नहीं आने के कारण स्पष्ट नहीं बता पा रही थी। जिस कारण वह काफी घबरा गई थी व रोने लगी इस दौरान शटल पार्किंग में नियुक्त उपनिरीक्षक रमेश चन्द्र बेलवाल द्वारा उक्त वृद्ध महिला को इशारों से ढाढस बंधाया गया। उनके द्वारा गूगल ट्रांसलेटर के माध्यम से महिला की भाषा को समझने का प्रयास किया गया, जिससे स्पष्ट हुआ कि इनके साथ आये यात्रियों से ये बिछड़ गयी हैं और साथ वाले आगे हैं या पीछे इसका स्पष्ट तौर पर पता नहीं चल पा रहा था। तकरीबन 3 घंटे के प्रयास के बाद आंध्र प्रदेश से आए तीर्थ यात्रियों की मदद से इन महिला के सोनप्रयाग पहुंच गए परिजनों से सकुशल मिलवाया गया, महिला द्वारा उत्तराखण्ड पुलिस का आभार प्रकट किया गया।
आपको बता दें कि ऊधम सिंह नगर से केदारनाथ धाम यात्रा के संचालन की ड्यूटी हेतु आये उपनिरीक्षक रमेश चन्द्र बेलवाल भीड़ नियन्त्रण व यात्रियों के प्रति मधुर व्यवहार रखने के मामले में अलग ही पहचान रखते हैं, उनका यही अनुभव यात्रा व्यवस्थाओं के उनके संचालन में सहायक सिद्ध हो रहा है। उनके द्वारा इस वर्ष के यात्रा के शुरुआती दिन से ही अपने कर्तव्य निर्वहन के साथ ही श्रद्धालुओं की निरन्तर मदद की जा रही है।



