
पौराणिक वाद्य यंत्रों की थाप पर नृत्य कर रहे पाण्डव पाश्र्व, न्यालसू में प्रतिदिन दूर दराज गांवों से पहुंच रहे भक्त
फाटा। विकासखंड ऊखीमठ के ग्राम सभा न्यालसू में 26 नवम्बर से आयोजित पौराणिक पाण्डव नृत्य में प्रतिदिन दूर दराज क्षेत्र से श्रद्धालु पाण्डव देवों का आशीर्वाद लेने पहुंच रहे हैं।
द्वापर युग की पांडवों के वनवास, युद्ध व मोक्ष की कथाओं को जीवंत रखने के उद्देश्य से ग्राम सभा न्यालसू के जाख देवता चौक परिसर में 16 वर्षों बाद पाण्डव नृत्य का आयोजन किया जा रहा है। इस पौराणिक धार्मिक पाण्डव नृत्य के आयोजन से ग्राम व क्षेत्र में रौनक बनी हुई है, प्रतिदिन गांव में धियानियों एवं दूर क्षेत्रों में निवास कर रहे ग्रामीणों की गांव में वापसी बनी हुई है।
21 दिवसीय पाण्डव नृत्य में गंगा स्नान, तीर्थ भ्रमण, ग्राम भ्रमण, गैंडा कोथि, हाथी कोथि, मोरू धार सहित अनेक धार्मिक, पौराणिक, आध्यात्मिक परम्पराओं का निर्वहन किया जायेगा।
गुरुवार को पाण्डव नृत्य के 17वें दिन भी पौराणिक वाद्य यंत्रों की थाप पर पाण्डव पाश्व नृत्य करते नजर आए, वहीं इस धार्मिक पौराणिक आयोजन को देखने दूर दराज गावों के ग्रामीण प्रतिदिन पहुंच रहे हैं।
पाण्डव नृत्य समिति अध्यक्ष मोहन सिंह चौहान ने सभी श्रद्धालुओं का इस धार्मिक आयोजन में पहुंचने पर आभार जताया। उन्होंने कहा कि पांडव नृत्य में हाथी कौथि विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।
इस अवसर पर ग्राम प्रधान प्रमोद रावत, क्षेत्र पंचायत सदस्य अंजली देवी , महिला मंगल दल अध्यक्ष प्रमिला देवी, समिति सचिव प्रेम दत्त गोस्वामी, संरक्षक दिनेश सिंह रावत, उपाध्यक्ष मुकेश रावत, कोषाध्यक्ष खुशाल सिंह रावत सहित समस्त ग्रामीण व भक्त मौजूद रहे।



