उत्तराखंडगांवधार्मिक

मदमहेश्वर घाटी के ग्राम बुरूवा में आयोजित पाण्डव नृत्य का पाण्डवों के अस्त्र – शस्त्र विसर्जन के साथ हुआ समापन

लक्ष्मण सिंह नेगी
ऊखीमठ। मदमहेश्वर घाटी की सुरम्य वादियों में बसे बुरूवा गाँव में 12 वर्षों बाद आयोजित पाण्डव नृत्य का आज पाण्डवों के अस्त्र – शस्त्र विसर्जित के साथ समापन हो गया है। पाण्डवों के अस्त्र – शस्त्र विसर्जित होते ही पाण्डव पश्वाओ, महिलाओं व धियाणियो की आंखें झलक उठी। 22 दिवसीय पाण्डव नृत्य के आयोजन से मदमहेश्वर घाटी का वातावरण भक्तिमय बना हुआ था। पाण्डव नृत्य में प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु शामिल होकर आशीर्वाद प्राप्त कर रहे थे। पाण्डव नृत्य में गंगा स्नान, तीर्थ यात्रा भ्रमण सहित अनेक धार्मिक, पौराणिक, आध्यात्मिक परम्पराओं का निर्वहन किया गया। जानकारी देते हुए ग्राम प्रधान सरोज भटट् ने बताया कि बुरूवा गाँव में ग्रामीणों के सहयोग से विगत 14 नवम्बर को पाण्डव नृत्य का शुभारंभ किया गया था तथा पाण्डव नृत्य के समापन अवसर पर विद्वान आचार्यों व पाण्डव पश्वाओ द्वारा अनेक पौराणिक परम्पराओं का निर्वहन किया गया। देखरेख समिति सरपंच माणिक लाल ने बताया कि केदार घाटी व मदमहेश्वर घाटी में पाण्डव नृत्य की परम्परा पाण्डवों के हिमालय आगमन से है तथा ग्रामीणों द्वारा समय – समय पर पाण्डव नृत्य का आयोजन कर क्षेत्र की खुशहाली की कामना की जाती है। वन पंचायत सरपंच बलवीर भटट् ने बताया कि 22 दिवसीय पाण्डव नृत्य में पाण्डवों के अस्त्र – शस्त्र पाण्डव चौक लाना, गंगा स्नान, तीर्थ यात्रा भ्रमण, नगर भ्रमण, हाथी कौथिग, पैय्या डाली कौथिग, मोरू नारेण स्थापना व दुयोधन वध सहित अनेक पौराणिक परम्पराओं का निर्वहन किया गया। महिला मंगल दल अध्यक्ष चन्द्रकला देवी ने बताया कि पाण्डव नृत्य में केदारनाथ विधायक श्रीमती शैलारानी रावत, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष चण्डी प्रसाद भटट्, जिला पंचायत सदस्य विनोद राणा, प्रधान त्रिलोक रावत, बीर सिंह पंवार क्षेत्र पंचायत सदस्य बलवीर भटट् सहित विभिन्न क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने बढ़ – चढकर भागीदारी की। सामाजिक कार्यकर्ता राकेश धिरवाण ने बताया कि पाण्डव नृत्य में सभी पाण्डव पश्वाओ व पुजारी नरोत्तम धिरवाण का महत्वपूर्ण योगदान रहा। मदमहेश्वर घाटी विकास मंच पूर्व अध्यक्ष मदन भटट् ने बताया कि 22 दिवसीय पाण्डव नृत्य में ढोल वादक बृजमोहन लाल व संजय लाल द्वारा ढोल वादन व संगीत पर साथ दिया गया। पाण्डव नृत्य के समापन अवसर पर पूर्व प्रधान राजेन्द्र धिरवाण, विमला देवी, प्रताप सिंह चौहान, संजय नेगी,योगेन्द्र भटट्, अनिल, अनिल धिरवाण, वासुदेव धिरवाण, जगदीश भटट्, महावीर भटट्, संजय धिरवाण राय सिंह भटट्, उमेद चौहान , नन्दराम, विनोद बुरियाल सहित ग्रामीण व श्रद्धालु मौजूद रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!