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गौरीकुंड – सोनप्रयाग शटल सेवा में अवैध वाहनों के संचालन पर टैक्सी यूनियन में आक्रोश, 18 जून को चक्का जाम की चेतावनी

फाटा। केदारनाथ यात्रा में गौरीकुण्ड – सोनप्रयाग के मध्य संचालित शटल सेवा में बाहरी एवं कथित अवैध वाहनों के संचालन को लेकर केदारघाटी टैक्सी मैक्सी यूनियन ने परिवहन विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। यूनियन ने इस संबंध में सेक्टर मजिस्ट्रेट सोनप्रयाग के माध्यम से पर्यटन मंत्री को शिकायत एवं ज्ञापन सौंपते हुए विभाग पर स्थानीय वाहन स्वामियों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है।

यूनियन का कहना है कि गौरीकुण्ड – सोनप्रयाग शटल सेवा ”2013 आपदा” के बाद से परिवहन विभाग के निर्देशन में केदारघाटी एवं गुप्तकाशी टैक्सी यूनियनों द्वारा संचालित की जा रही है। वर्ष 2013 की आपदा समेत विभिन्न विषम परिस्थितियों में स्थानीय वाहन स्वामियों और चालकों ने अपनी जान जोखिम में डालकर यात्रियों को सेवा उपलब्ध कराई। आपदा के दौरान निःशुल्क परिवहन और भंडारे जैसी सेवाएं भी यूनियन द्वारा संचालित की जाती रही हैं।

ज्ञापन में स्थानीय टैक्सी संचालकों के द्वारा  बताया गया कि इस वर्ष परिवहन विभाग द्वारा शटल सेवा में किराये के वाहनों तथा बाहरी वाहनों को संचालन की अनुमति दी जा रही है, जिससे स्थानीय वाहन स्वामियों की आजीविका प्रभावित हो रही है। यूनियन का कहना है कि इस संबंध में कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें किए जाने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।

केदारघाटी टैक्सी मैक्सी यूनियन के अध्यक्ष अंकित गैरोला ने बताया कि लंबे अरसे से गुप्तकाशी और सोनप्रयाग टैक्सी यूनियन शटल सेवा में अपने सेवाएं देता आया है, परन्तु इस वर्ष परिवहन विभाग द्वारा अवैध तरीके से वाहनों का संचालन करवाया जा रहा है। जो कि सरासर गलत है तथा स्थानीय टैक्सी संचालकों के हकों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि स्थानीय टैक्सी संचालकों के सम्मुख रोजगार का संकट सताने लगा है।

केदारघाटी टैक्सी यूनियन ने मांग की है कि शटल सेवा में संचालित अवैध एवं बाहरी वाहनों की जांच कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो 18 जून 2026 को स्थानीय वाहन स्वामी लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से चक्का जाम और पुतला दहन आंदोलन करेंगे। यूनियन ने कहा कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों की जिम्मेदारी परिवहन विभाग रुद्रप्रयाग की होगी।

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