
चारधाम होटल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सीएम धामी से की मुलाकात, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन एवं यात्रियों की सीमित संख्या हो समाप्त की मांग
देहरादून। चारधाम होटल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। उत्तराखंड सरकार द्वारा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सहित चार धाम यात्रा में यात्रियों की सीमित संख्या किए जाने के विरोध में चार धाम होटल एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर यात्रियों की सीमित संख्या को समाप्त की जाने एवं ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के साथ ही ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन को सुचारू रखने की मांग की।
अपनी नौ सूत्रीय मांगों को लेकर सोमवार को चारधाम गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ एवं बद्रीनाथ होटल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। चारधाम होटल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंट कर आभार प्रकट किया। साथ ही उन्हें कपाट खुलने के अवसर पर धामों में आने का निमंत्रण दिया।
मुख्यमंत्री धामी ने चारधाम यात्रा को सुगम एवं बेहतर संचालित करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा की सभी को रोजगार दिया जाएगा। प्रदेश सरकार चारों धाम में व्यवस्थाएं बड़ाने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा को ऐतिहासिक बनाया जाएगा। विगत वर्ष की भांति इस वर्ष भी बेहतर यात्रा संचालित होगी। श्रद्धालुओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
इस अवसर पर भाजपा किसान मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष संदीप सिंह, यमुनोत्री होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष शोबन सिंह राणा, केदारघाटी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम गोस्वामी, आमोद पंवार सहित एसोसिएशन के पदाधिकारी मौजूद रहे।
प्रमुख बिंदु:-
1. चार धाम यात्रा में आने वाले श्रदालुओं के लिए ऑनलाइन पंजीकरण शीघ्र शुरू किए जाय।
2. चार धाम यात्रा पर आने वाले यात्रियों के लिए सीमित संख्या की बाध्यता समाप्त हो।
3. श्री केदारनाथ धाम में फाटा व सोनप्रयाग में आफलाइन पंजीकरण के काउंटर पूर्व की भाति सुचारू की जाए।
4. उत्तराखण्ड सरकार द्वारा हाल ही में दिनांक 18.07.2022 से 1000.00 से कम के बिलों पर जी०एस०टी० लागू किया गया है, जो की औचित्यापूर्ण नही है इस लिए 1000.00 से कम के बिलों पर जी०एस०टी० न लिया जाय यानि पहले की तरह यथावत रखा जाय।
5. उत्तराखण्ड राज्य के चारों धाम पर्वतीय क्षेत्र में स्थित होने के फलस्वरूप स्वतः प्रदूषण मुक्त है। अतः राज्य प्रदुषण नियन्त्रण बोर्ड से निर्गत किये जाने वाले प्रमाण पत्रों से अवमुक्त रखा जाय।
6. चारों धामों में आने वाले श्रदालुओं के लिए ऑनलाइन पंजीकरण के साथ ही आफलाइन पंजीकरण पूर्व की भाति यथावत रखा जाए।
7. चारों धामों में आने वाले श्रदालुओं की सीमित संख्या की बाध्याता समाप्त की जायें
8. चार धाम यात्रा पर आने वाले वाहनों को परमीट, फिटनेस, ग्रीन कार्ड आदि की समस्त औपचारिकताऐं, हरिद्वार, ऋषिकेश में पूर्ण कर ली जाय।
तत्पश्चात जगह-जगह पर वाहनों को रोककर समय का दुरूपयोग एवं यात्रियों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाय।
9. चारों धामों में प्रत्येक जिले चैकिंग हेतु एक स्थान सुनिश्चित किया जायें जगह-जगह चैकिंग के नाम पर श्रदालुओं को बार-बार रोक कर परेशान न किया जायें।



