ताल जामन प्रकरण में नया मोड़, संचालक और उसकी मां ने पुलिस को बताया निर्दोश
ताल जामन प्रकरण।।
गुप्तकाशी। रूद्रप्रयाग जनपद के छेनागाड़ क्षेत्र के अंतर्गत ताल जामन में कथित अवैध शराब बिक्री के संदेह को लेकर स्थानीय ग्रामीणों द्वारा एक रेस्टोरेंट के बाहर से ताला लगाकर पुलिस कर्मियों को घेरने के मामले में अब नया मोड़ सामने आया है। घटना के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक नए वीडियो ने पूरे प्रकरण को नई दिशा दे दी है। वीडियो में रेस्टोरेंट संचालक और उसकी मां ने पुलिस पर लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए पूरे घटनाक्रम के पीछे पुरानी पारिवारिक रंजिश का दावा किया है।
रेस्टोरेंट संचालक की मां सरस्वती देवी ने वायरल वीडियो में कहा कि घटना के समय पुलिस कर्मी उनके पुत्र हर्षपाल पंवार के रेस्टोरेंट में केवल भोजन करने आए थे। इसी दौरान कुछ स्थानीय लोगों ने रेस्टोरेंट के मुख्य द्वार पर बाहर से ताला जड़ दिया और पुलिस विभाग पर अवैध शराब बिक्री जैसे गंभीर आरोप लगाने शुरू कर दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पुलिस कर्मियों का रेस्टोरेंट में आना केवल भोजन करने के उद्देश्य से था और उन्हें झूठे आरोपों के माध्यम से विवाद में घसीटा गया।
सरस्वती देवी ने आरोप लगाया कि रेस्टोरेंट के बाहर ताला लगाने वाले दो ग्रामीणों का उनके परिवार के साथ वर्षों पुराना पारिवारिक विवाद चला आ रहा है। इसी व्यक्तिगत रंजिश के कारण सुनियोजित तरीके से इस पूरे विवाद को जन्म दिया गया। उन्होंने बताया कि उनका पूर्व रेस्टोरेंट छेनागाड़ में संचालित होता था, लेकिन भूस्खलन की चपेट में आने के बाद उसे ताल जामन क्षेत्र में स्थानांतरित कर दोबारा संचालित किया गया।
वहीं, रेस्टोरेंट संचालक हर्षपाल पंवार ने बताया कि घटना वाले दिन उन्हें तीन लोगों के भोजन का ऑर्डर मिला था, जिनमें संबंधित पुलिस कर्मी भी शामिल थे। उनके अनुसार पुलिस टीम जोला गांव से फरार एक युवती की तलाश में क्षेत्र में पहुंची थी। तलाश अभियान समाप्त होने के बाद पुलिस कर्मी दोपहर के समय उनके रेस्टोरेंट में भोजन करने आए थे। इसी दौरान दो व्यक्तियों ने बाहर से मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया और पुलिस पर अवैध शराब बिक्री के निराधार आरोप लगाने लगे।
हर्षपाल ने कहा कि उनके रेस्टोरेंट में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि नहीं चल रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि ताला लगाने वाले दोनों व्यक्ति स्वयं शराब के नशे में थे तथा उन्होंने पुलिस कर्मियों के साथ अभद्रता, गाली-गलौज और हंगामा किया, जिससे स्थिति अनावश्यक रूप से तनावपूर्ण बन गई।
इस पूरे मामले की जांच कर रहे क्षेत्राधिकारी (सीओ) वेद प्रकाश भट्ट ने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे सभी वीडियो, उपलब्ध साक्ष्यों तथा घटनास्थल से जुड़े प्रत्येक पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रकरण से जुड़े सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर निष्पक्ष एवं विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
फिलहाल, मामला जांचाधीन है। पुलिस का कहना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी साक्ष्यों, वायरल वीडियो और संबंधित पक्षों के बयानों का गहन परीक्षण किया जा रहा है, ताकि तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।



