तुंगनाथ धाम में श्रद्धालुओं का नया कीर्तिमान, एक लाख 18 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

लक्ष्मण सिंह नेगी।
ऊखीमठ। पंचकेदारों में तृतीय केदार तुंगनाथ धाम में इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यात्रा सत्र के दौरान अब तक एक लाख 18 हजार से अधिक श्रद्धालु बाबा तुंगनाथ के दर्शन कर चुके हैं। यह आंकड़ा पिछले वर्षों की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है और तुंगनाथ धाम की बढ़ती लोकप्रियता का प्रमाण भी है। समुद्र तल से लगभग 3,680 मीटर की ऊंचाई पर हिमालय की गोद में विराजमान तुंगनाथ धाम देश-विदेश के श्रद्धालुओं, पर्वत प्रेमियों और प्रकृति प्रेमियों के लिए प्रमुख आस्था एवं पर्यटन केंद्र बन चुका है। प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु चोपता से पैदल यात्रा कर बाबा तुंगनाथ के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं। साफ मौसम के दौरान हिमालय की मनोरम श्रृंखलाएं यात्रियों को विशेष रूप से आकर्षित कर रही हैं। श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या से तुंगनाथ घाटी के पर्यटन एवं तीर्थाटन व्यवसाय में भी व्यापक वृद्धि हुई है। चोपता, बणियाकुंड, दुगलबिट्टा तथा आसपास के क्षेत्रों में होटल, होमस्टे, लॉज, ढाबों, स्थानीय दुकानों, घोड़ा-खच्चर संचालकों और अन्य छोटे व्यवसायियों की आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। स्थानीय युवाओं को भी पर्यटन आधारित स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि इस वर्ष यात्रा सीजन उम्मीद से कहीं बेहतर रहा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आगमन से पूरे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिली है। विशेष रूप से सप्ताहांत और अवकाश के दिनों में तुंगनाथ पैदल मार्ग पर यात्रियों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है।
प्राकृतिक सौंदर्य, आध्यात्मिक वातावरण और सुगम यात्रा व्यवस्था के कारण तुंगनाथ धाम की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। तीर्थ पुरोहित समाज, व्यापार संघ चोपता, वन विभाग , मन्दिर समिति तथा स्थानीय स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा यात्रियों की सुरक्षा, स्वच्छता एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे यात्रा सुचारु रूप से संचालित हो रही है। पूर्व शिक्षाविद् धीर सिंह नेगी का मानना है कि यदि तुंगनाथ क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं का और अधिक विस्तार किया जाए तथा पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए योजनाबद्ध विकास किया जाए तो यह क्षेत्र वर्षभर धार्मिक एवं प्राकृतिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बन सकता है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को और अधिक मजबूती मिलेगी।
दिल्ली से तुंगनाथ धाम पहुंचीं सुहानी का कहना है कि तुंगनाथ धाम की दिव्य आध्यात्मिक ऊर्जा, हिमालय की अनुपम प्राकृतिक छटा और शांत वातावरण उन्हें बार-बार यहां आने के लिए प्रेरित करता है। यात्रा सत्र के दौरान लगातार बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या इस बात का स्पष्ट संकेत है कि तृतीय केदार तुंगनाथ धाम देश के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों में अपनी अलग पहचान स्थापित कर चुका है। तुंगनाथ धाम के प्रबन्धक प्रकाश पुरोहित ने बताया कि 22 अप्रैल को कपाट खुलने से लेकर अभी तक 60962 पुरुष , 50815 महिलाएं, 6384 नौनिहाल, 151 साधु सन्यासी तथा 69 विदेशी सैलानियों सहित 1 लाख , 18 हजार, 381 तीर्थ यात्री तुंगनाथ धाम में पूजा – अर्चना व जलाभिषेक कर विश्व समृद्धि की कामना कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि चोपता से सीधे चन्द्र शिला जाने वाले पर्यटकों को मन्दिर समिति के रिकार्ड में दर्ज नहीं किया गया है।



