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माता राकेश्वरी मंदिर रांसी में पौराणिक जागर गायन एवं देव डोली नृत्य

माता राकेश्वरी मंदिर रांसी में पौराणिक जागर गायन एवं देव डोली नृत्य
ऊखीमठ। मदमहेश्वर घाटी के ग्रामीणों की अराध्य देवी और रांसी गांव में विराजमान भगवती राकेश्वरी के मन्दिर में चल रहे पौराणिक मांगलिक जागरों का गायन और देव डोलियों के नृत्य का सामूहिक भोज के साथ समापन हो गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में लोगों ने धार्मिक कार्यक्रम में भाग लेकर पुण्य अर्जित किया।
पौराणिक मांगलिक जागरों के गायन के साथ ही भगवती राकेश्वरी की चल विग्रह उत्सव मूर्तियां मन्दिर के गर्भगृह से सभा मण्डप में विराजमान हो गई है। साथ ही आगामी 12 वर्षों में संपन्न होने वाले भगवती राकेश्वरी की दिवारा यात्रा का श्रीगणेश हो गया है। शनिवार देर शाम को पण्डित रोशन देवशाली और नवीन देवशाली ने पंचाग पूजन के साथ अनेक पूजांए कर भगवती राकेश्वरी सहित सभी देवी-देवताओं का आह्वान किया।
वहीं ठीक शाम 7 बजे से पूर्ण सिंह पंवार व शिवराज सिंह पंवार के नेतृत्व में मदमहेश्वर घाटी के ग्रामीणों द्वारा पौराणिक मांगलिक जागरों का शुभारंभ किया गया। पौराणिक मांगलिक जागरों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण, भगवती राकेश्वरी सहित 33 कोटि देवी-देवताओं का आह्वान किया गया। पौराणिक मांगलिक जागर गायन का सिलसिला रविवार सुबह तक जारी रहा। पौराणिक मांगलिक जागर गायन के दौरान राकेश्वरी मन्दिर पुजारी भगवती प्रसाद भटट्, केशरी प्रसाद भट्ट, मानवेन्द्र प्रसाद भटट्, ईश्वरी प्रसाद भटट् व सूरज भटट् ने रात्रि के चारों तरफ चार आरतियां उतार कर क्षेत्र के खुशहाली की कामना की।
रविवार दोपहर को देव डोलियों के नृत्य, सुद्धीकरण यज्ञ व सामूहिक भोज के साथ पौराणिक मांगलिक जागरों का समापन हो गया है। मन्दिर समिति अध्यक्ष जगत सिंह पंवार ने बताया कि पौराणिक मांगलिक जागरों के साथ ही भगवती राकेश्वरी के 12 वर्षों तक चलने वाले दिवारा यात्रा का श्रीगणेश हो गया है। आने वाले समय में भगवती नन्दा के पौराणिक मांगलिक जागरों का आयोजन किया जाएगा। प्रधान कुन्ती नेगी ने बताया कि पौराणिक मांगलिक जागरों के सफल आयोजन में मदमहेश्वर घाटी के 8 जुला गांवों के ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। मन्दिर समिति उपाध्यक्ष मदन भट्ट ने बताया कि पौराणिक मांगलिक जागरों के गायन के आयोजन को लेकर मद्महेश्वर घाटी के जनमानस में भारी उत्साह देखने को मिला।
लेखाकार दलीप सिंह रावत, कार्तिक सिंह खोयाल ने बताया कि भगवती राकेश्वरी के अन्य धार्मिक अनुष्ठानों की तिथि मकर संक्रांति पर्व पर पंचाग गणना के अनुसार घोषित की जाएगी। इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य कालीमठ विनोद राणा, वन पंचायत सरपंच कुंवर सिंह रावत, क्षेत्र पंचायत सदस्य बलवीर भट्ट, महिला मंगल दल अध्यक्ष गीता पंवार, शिव सिंह रावत, रवि भट्ट, हरेन्द्र खोयाल, अधिवक्ता देवेन्द्र राणा, भीम सिंह नेगी, जयश्री देवी, प्रधान प्रेमलता पंत, अरविन्द राणा, सन्दीप पुष्वाण, सरोज भट्ट सहित विभिन्न क्षेत्रों के जनप्रतिनिधि व  आठजुला गांवों के लोग मौजूद थे।

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