तीर्थ यात्रियों के साथ बदसलूकी घोड़ा-खच्चर संचालकों को पड़ी भारी, लाईसेन्स निरस्त चालानी कार्यवाही

घोड़ा-खच्चर संचालकों की आपसी लड़ाई में परेशान हो रहे श्रद्धालुओं की रुद्रप्रयाग पुलिस ने की मदद
ऐसे बेलगाम घोड़ा-खच्चर संचालकों को सिखाया गया सबक, लाईसेन्स हुए निरस्त, साथ ही की गई चालानी कार्यवाही
रूद्रप्रयाग। श्री केदारनाथ धाम यात्रा में आज 8 जून को श्रीमती पिंकी पत्नी राकेश निवासी हिल्स नर्सरी स्कूल जिला सूरत गुजरात अपने परिवार के साथ श्री केदारनाथ मंदिर दर्शन कर वापस घोड़े-खच्चर से आ रहे थे कि भीमबली बाईपास सिंगल पुल पर गौरीकुण्ड की ओर से आ रहे घोड़े चालक दोनो पक्षों का जबरदस्ती अपने अपने घोड़े-खच्चरों को आगे लाने ले जाने के दौरान लड़ाई झगड़ा शुरू हो गया और यात्रियों को पुल के पास घोड़े पर ही छोड़कर इधर उधर चले गए।
इस दौरान उनकी भाभी श्रीमती अवनी पत्नी मयंक के पैर पर चोट आई है तथा एक यात्री घोड़े से गिरने से बचा है। घोड़े पर बैठे पांचों यात्री अपने आप को बिना हॉकर्स के काफी घबराए और डरा हुआ महसूस कर रहे थे। सभी पांचों यात्रियों को मौके पर ही घोड़े से उतरवाया गया। भीमबली पुलिस ने श्रीमती पिंकी उपरोक्त व उनके परिजनो की तत्काल हरसम्भव सहायता कर उन्हे उनके गन्तव्य की ओर सकुशल रवाना किया गया। चौकी भीमबली प्रभारी यशपाल सिंह व उनकी टीम के द्वारा तत्काल यात्रियों की मदद कर परिजनों द्वारा पुलिस का तहे दिल से आभार प्रकट किया गया साथ ही श्रीमती पिंकी देवी द्वारा सभी यात्रियों को यात्रा के दौरान अपनी सुरक्षा स्वयं करने हेतु संदेश दिया गया।
चूंकि इस सम्पूर्ण प्रकरण में यात्रियों ने घोड़ा-खच्चर संचालकों के विरुद्ध कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई, परन्तु इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो पुलिस टीम ने इन घोड़ा-खच्चर संचालकों के लाईसेन्स निरस्तीकरण की कार्यवाही की गयी व शान्ति भंग में चालानी कार्यवाही कर सख्त हिदायत देकर भीमबली से नीचे भिजवाया गया।



