उत्तराखंडगांवफटाफट ख़बरेंराजनीतिरुद्रप्रयाग

राज्य मंत्री भट्ट ने बसुकेदार क्षेत्र के ताल जामण के बगड तोक सहित अन्य आपदा प्रभावित क्षेत्रो का किया दौरा, प्रभावितो की जानी समस्याएं 

लक्ष्मण सिंह नेगी

ऊखीमठ। सीमान्त क्षेत्र अनुश्रवण परिषद उपाध्यक्ष चण्डी प्रसाद भट्ट ने आपदा प्रभावित छेनागाड के अन्तर्गत ताल जामण के बगड तोक सहित अनेक प्रभावित क्षेत्रो का दौरा कर आपदा प्रभावितो की समस्याओ को सुना। उनके आपदा प्रभावित क्षेत्र ताल जामण के बगड तोक आगमन पर आपदा प्रभावितो ने अनेक समस्याओ से रूबरू कराकर निराकरण की मांग की। आपदा प्रभावित क्षेत्रो का भ्रमण कर राज्य मंत्री चण्डी प्रसाद भट्ट ने आपदा प्रभावितो को आश्वासन देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा उत्तराखंड आपदा प्रभावित क्षेत्रो के पुर्ननिर्माण के लिए 12 सौ करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है तथा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व मे आपदा प्रभावित क्षेत्रो मे राहत व आपदा से क्षतिग्रस्त योजनाओ का निर्माण कार्य त्वरित गति से किया जा रहा है। कहा कि आपदा प्रभावित को आपदा मानको के अनुसार मुआवजा वितरित किया गया है तथा राजस्व विभाग की सूची से यदि कोई आपदा प्रभावित मुआवजा मिलने से छूट गये है उन्हे शीध्र मानको के अनुरूप उचित मुआवजा दिलाने के प्रयास किये जायेगे। उन्होने पेयजल व विधुत विभाग को आपदा से क्षतिग्रस्त विधुत व पेयजल लाइनो का शीध्र ट्रीटमेंट करने तथा खण्ड विकास अधिकारी अगस्तमुनि को आपदा से क्षतिग्रस्त पैदल मार्गो व क्षतिग्रस्त खेत खलिहानो को मनरेगा के अन्तर्गत निर्माण करने के निर्देश दिये। पूर्व प्रधान भीम सिंह पंवार ने बगड तोक के विस्थापन तथा आपदा प्रभावित क्षेत्रो को भूगर्भीय सर्वेक्षण की मांग की। आपदा प्रभावित बीरबल सिंह ने आपदा से क्षतिग्रस्त पैदल मार्गो के मरम्मत की मांग की। आपदा प्रभावित दीप देवी ने बताया कि आसमान मे बादल छाने से आपदा प्रभावितो की चिन्ताये बढ जाती है। आशीष कुमार ने आपदा मानको के अनुसार हर आपदा प्रभावित को मुआवजा दिलाने की मांग की। नीता देवी ने बताया कि आपदा के मलवे से खेतो व फसलो को भारी नुकसान हुआ है। उमेश कुमार ने बताया कि ताल जामण के स्यूल तोक मे निरन्तर भूस्खलन जारी है जिससे आपदा प्रभावितो मे भय बना हुआ है । महिपाल सिंह ने बताया कि भेड़पालन व्यवसाय रोजगार का जरिया था मगर आपदा के बाद रोजगार छीन गया है। मुकेश लाल ने बताया कि उनकी मकान पूर्णतया क्षतिग्रस्त हो गयी थी मगर उन्हे किसी भी श्रेणी का मुआवजा नही मिला।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!