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मन्दाकिनी की आवाज सेना गढ़सारी में धूमधाम से मना लोकपर्व हरेला, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

लक्ष्मण सिंह नेगी

वन विभाग एवं सामाजिक संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में देव वृक्षों का हुआ रोपण ।

ऊखीमठ। उत्तराखण्ड के लोकपर्व हरेला के अवसर पर मन्दाकिनी की आवाज सेना गढ़सारी–क्यूंजा घाटी में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वन विभाग एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए विभिन्न प्रजातियों के देव वृक्षों का रोपण किया गया तथा अधिक से अधिक पौधे लगाने एवं उनका संरक्षण करने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्य मंत्री चण्डी प्रसाद भट्ट उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि हरेला केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति, संस्कृति और पर्यावरण के प्रति हमारी आस्था का प्रतीक है। वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन और बढ़ते पर्यावरणीय संकट को देखते हुए प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि वह अधिकाधिक पौधे लगाए और उनकी देखभाल भी सुनिश्चित करे। उन्होंने मन्दाकिनी की आवाज , वन विभाग तथा सभी सामाजिक संगठनों की इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी बताया।
नगर पंचायत अध्यक्ष अगस्त्यमुनि राजेन्द्र प्रसाद गोस्वामी ने कहा कि हरेला पर्व हमें प्रकृति के साथ संतुलित जीवन जीने की सीख देता है। यदि प्रत्येक नागरिक वर्ष में कम से कम एक पौधा लगाकर उसका संरक्षण करे तो प्रदेश को हराभरा बनाने का सपना साकार हो सकता है। पूर्व प्राचार्य पी.एस. जगवाण ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के संस्कार बच्चों और युवाओं में विकसित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने विद्यालयों एवं सामाजिक संस्थाओं से इस प्रकार के कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने का आह्वान किया। रेंज अधिकारी अगस्त्यमुनि हरि शंकर रावत ने कहा कि वन विभाग जनसहभागिता के माध्यम से हरित उत्तराखण्ड के लक्ष्य को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने देवदार, बुरांश, बांज, पीपल, आंवला सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सभी से पौधों की सुरक्षा का भी आग्रह किया। वन स्टाफ सेन्टर केन्द्र प्रशासक रंजना गैरोला ने कहा कि हरेला जैसे लोकपर्व हमारी सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का भी संदेश देते हैं। इस दौरान रोपित पौधों की नियमित देखरेख का भी संकल्प लिया गया। हरेला पर्व के इस आयोजन ने गढ़सारी–क्यूंजा घाटी में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरण का संदेश दिया। मन्दाकिनी आवाज केन्द्र सचिव मानवेन्द्र नेगी ने हरेला पर्व को प्रकृति संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय पहल बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। बाबा केदारनाथ दास सेवा मण्डल अध्यक्ष चन्द्र सिंह नेगी ने बताया कि हरेला पर्व पर मन्दाकिनी की आवाज सेना गढसारी में रुद्राक्ष तीन , पीपल दो , वट दो , देवदार पांच, बांज 80, कचनार 10 तथा रीठा 20 पौधे रोपित किए गए। इस मौके पर पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष शकुंतला जगवाण , पूर्व सांसद प्रतिनिधि श्रीनन्द जमलोकी, गीता मलासी, ममता शैली , सुरेन्द्र रावत, सन्दीप बेजवाल, देवेश्वरी सेमवाल, बीना राणा, सतेश्वरी रौथाण, कुसुम नेगी, अनीता राणा, सरिता भट्ट, रामेश्वरी बुटोला, कलावती बिष्ट, ललिता रौतेला, दीपा बर्त्वाल, राजेश्वरी भण्डारी, मंजू नेगी, सुधा बुटोला, उमेश चन्द्र बेजवाल, शिवानन्द नौटियाल, देवी प्रसाद भट्ट, देवी लाल भारती, पूनम रावत, उमा नेगी, पूनम बडियारी, वी पी बमोला, विनीता रौतेला, आशुतोष नेगी, प्रकाश बडवाल, संजना, मनीषा मौजूद रहे।

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