मैंखंडा और त्रियुगीनारायण में चार सौ से अधिक घोड़े खच्चरों के बने लाइसेंस

फाटा। केदारनाथ यात्रा में अहम भूमिका निभाने वाले घोड़े खच्चरों के लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया इन दिनों जारी है। पशुपालन विभाग द्वारा तीनों विकास खंडों हेतु रोस्टर जारी किए गए हैं। जिसके अनुसार ही यात्रा पड़ावों पर घोड़ा खच्चरों के पंजीकरण किए जाने की प्रक्रिया की जा रही है।
मंगलवार को केदारघाटी के मैंखंडा ओर त्रियुगीनारायण में घोड़ा खच्चरों के पंजीकरण बनाने की प्रक्रिया सुबह बारह बजे से शुरू की गई।
जिला पंचायत के कर सहायक दिनेश नौटियाल ने बताया कि मैंखंडा में प्रातः बारह बजे से घोड़ा खच्चरों के पंजीकरण बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई जिसमें पशुपालन विभाग के चिकित्सकों द्वारा घोड़ा खच्चरों की स्वास्थ्य जांच की गई, मेडिकल फिट होने के बाद सर्टिफिकेट जारी किया गया। उसके पश्चात पशु बीमा किया गया। जिसके बाद घोड़े खच्चरों के लाइसेंस जारी किए गए। मैखंडा में 270 घोड़े खच्चरों के लाइसेंस जारी किए गए। जिसमें बीमा शुल्क 3500 रुपए ,जिला पंचायत शुल्क 654 तथा मेडिकल शुल्क 50 रुपए लिए गए।
वहीं, त्रियुगीनारायण में आयोजित शिविर बारह बजे से प्रारंभ किया गया जिला पंचायत कर्मचारी बलबीर सिंह नेगी ने बताया कि में देरी से शिविर प्रारंभ होने से देर सांय तक मेडिकल जांच के बाद बीमा किया गया देर सांय तक करीब 120 घोड़े खच्चरों के लाइसेंस जारी किए गए थे उन्होंने बताया कि खच्चरों की संख्या अधिक होने से देर सांय तक कैंप जारी रहा।



