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भैरव सेना संगठन और गौ रक्षा विभाग की बड़ी कार्यवाही, विश्वनाथ मंदिर मार्ग पर स्थित दुकान में दो कुंतल से ज्यादा मांस बरामद

केदारनाथ यात्रा पड़ावों में आये दिन मांस बेचते पकड़े जा रहे विधर्मी,

पुलिस को मौके पर बुलाकर मांस को करवाया नष्ट,

विधर्मियों को जेल भेजने की मांग,

रुद्रप्रयाग। केदारनाथ यात्रा पड़ावों में आये दिन मांस की बिक्री से हिन्दू संगठनों में आक्रोश बना हुआ है। मंगलवार को विश्वनाथ मंदिर मार्ग गुप्तकाशी में मांस बेचने की सूचना पर भैरव सेना संगठन, गौ रक्षा विभाग के साथ स्थानीय जागरूक लोगों ने दुकान में जाकर विरोध जताया और पुलिस को मौके पर बुलाकर मांस को नष्ट करवाया।
बता दें कि केदारनाथ यात्रा शुरू होने से पूर्व भैरव सेना संगठन और गौ रक्षा विभाग ने पुलिस प्रशासन को पत्र देते हुए यात्रा पड़ावों में मांस की ब्रिकी पर रोक लगाने की मांग की थी, जिसके बाद आये दिन यात्रा पड़ावों में मांस बेचने वालों के खिलाफ कार्यवाही की जा रही है। आये दिन केदारनाथ यात्रा पड़ाव के सोनप्रयाग, गौरीकुंड सहित अन्य क्षेत्रों में मांस की ब्रिकी करने वाले पकड़े जा रहे हैं, जबकि मंगलवार को गुप्तकाशी विश्वनाथ मंदिर मार्ग में डेढ़ कुंतल बकरे और मुर्गे के मांस के साथ 80 किलो मच्छी बरामद की गई।
भैरव सेना संगठन के जिलाध्यक्ष अशोक सेमवाल, गौ रक्षा विभाग के जिलाध्यक्ष रोहित डिमरी, धर्म-संस्कृति विभाग के प्रदेश सचिव मोहित मैठाणी, उप प्रमुख शैलेन्द्र कोटवाल, समाज सेवक सुभाष अंथवाल ने कहा कि विधर्मी लोग हिन्दुओं के आस्था के केन्द्रों के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। यात्रा पड़ावों में मांस बेचने को लेकर सख्त निर्देश दिए गए हैं, जबकि इसके बावजूद भी इन पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। मंदिर मार्गों में मांस बेचे जाने से हिन्दुओं की आस्था को ठेस पहुंच रही है। आये दिन पुलिस के साथ ही भैरव सेना संगठन और गौ रक्षा विभाग की टीम इन विधर्मियों के खिलाफ अभियान छेड़े हुए है। उन्होंने कहा कि पुलिस की जगह-जगह चेकिंग के बावजूद भी अवैध तरीके से मांस को यात्रा मार्गों तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे हिन्दू संगठनों में आक्रोश बना हुआ है। उन्होंने कहा कि जो लोग यात्रा पड़ावों में मांस बेच रहे हैं, उन्हें जेल भेजने के साथ ही भारी भरकम अर्थदंड की कार्यवाही भी होनी चाहिए, जिससे ये भविष्य में इस प्रकार का कृत्य ना कर सकें।

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