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शिक्षा विभाग की लापरवाही के खिलाफ गेस्ट टीचरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू,

शिक्षा विभाग की लापरवाही के खिलाफ गेस्ट टीचरों का आंदोलन
सीईओ कार्यालय में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू,
मई और जून माह का नहीं मिला वेतन

रुद्रप्रयाग। अतिथि शिक्षक संघ ने मई और जून माह के मानेदय को लेकर बरती गई शिक्षा विभाग की लापरवाही के खिलाफ माध्यमिक अतिथि शिक्षक संघ ने आंदोलन शुरू कर दिया है। आक्रोशित शिक्षकों ने शुक्रवार को मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। कहा कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता, आंदोलन जारी रहेगा।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार माध्यमिक अतिथि शिक्षक संघ के बैनर तले जिलाध्यक्ष आशीष जोशी के नेतृत्व में सभी अतिथि शिक्षक सीईओ कार्यालय पहुंचे। यहां नारेबाजी और धरना प्रदर्शन के साथ उन्होंने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की। माध्यमिक अतिथि शिक्षक संघ के अध्यक्ष आशीष जोशी ने कहा कि मई माह का अपूर्ण एवं जून माह का मानदेय का भुगतान न किए जाने से सभी शिक्षकों में आक्रोश है। कहा कि माध्यमिक अतिथि शिक्षक संघ की ओर से लगातार इस मांग के लिए विभाग से पत्राचार किया गया, जबकि कई बार शिक्षकों ने अपनी खराब आर्थिक स्थिति की जानकारी भी दी। मगर शिक्षा विभाग के अफसरों पर कोई असर नहीं पड़ा। संघ ने कहा कि खण्ड शिक्षा अधिकारी अगस्त्यमुनि, जखोली, ऊखीमठ की ओर से कार्यरत समस्त अतिथि शिक्षकों का माह मई का अपूर्ण भुगतान किया गया है तथा माह जून के मानदेय भुगतान के लिए स्पष्ट रूप से मना किया गया है। इससे पूर्व 2015 से बीते वर्षाे में निरंतर माह जून का वेतन भुगतान किया जाता रहा है, मगर मुख्य शिक्षा अधिकारी के वेतन भुगतान के लिए 3 आदेशों के बाद भी वर्तमान में कार्यरत खण्ड शिक्षा अधिकारी की ओर से शीतकालीन एवं ग्रीष्मकालीन अवधि का वेतन भुगतान के लिए स्पष्ट रूप से मना किया जा रहा है, जबकि प्रदेश के अन्य जनपदों में वेतन भुगतान किया जा रहा है। शिक्षकों का मानदेय भुगतान न होने पर उनके परिवार पर रोजी रोटी का संकट खडा हो गया है। शिक्षक मानसिक तनाव से गुजरने लगे हैं। साथ ही पूरे मनायोग से कार्य भी नहीं कर सकते हैं। कहा कि जब तक मांगों पर कार्रवाई नहीं की जाती, आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर संघ के जिलाध्यक्ष आशीष जोशी, विनय जगवाण, प्रवीण जोशी, भरत नेगी, जितेंद्र करासी, बीना किमोठी, माहेश्वर पुरोहित सहित बड़ी संख्या में अतिथि शिक्षक मौजूद थे।

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