आपदा की इस घड़ी में जंगलों में फंसे यात्रियों के लिए देवदूत बने त्रियुगीनारायण के युवा

जंगलों में फंसे लोगों के लिए देवदूत बने त्रियुगीनारायण के युवा……
फाटा। केदारघाटी में सोनप्रयाग से केदारनाथ धाम तक पैदल मार्ग पर हुए आपदा की इस घड़ी में जहां जिले का पूरा तंत्र जिलाधिकारी के निर्देशन में रेस्क्यू राहत बचाव कार्यों में जुटा हुआ है। वहीं दूरस्थ गांव त्रियुगीनारायण के युवाओं ने एसडीआरएफ के साथ मिलकर जंगल में फंसे लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू किया।
शनिवार की रात त्रियुगीनारायण के 15 युवाओं की टीम को सूचना मिली की गांव के सामने तोषी की ओर
चोड़ी नमक तोक में कुछ लोग फंसे हैं, सूचना मिलते ही युवा बिना संसाधनों के उनके रेस्क्यू हेतु निकल गए वहीं, ग्रामीणों द्वारा सुरक्षा बलों को भी सूचना दी गई। सोन नदी के पार यह स्थान होने के कारण वहां पहुंचना नामुकिन था, परंतु युवाओं के जज्बे और हौसला कम नहीं हुआ । युवाओं द्वारा काफी प्रयास किया गया । नदी पर पुल न होने सहित अन्य संसाधन न होने के कारण रेस्क्यू रात्रि में नहीं हो पाया युवाओं द्वारा उनके लिए भोजन पहुंचाया गया । तथा उन्हें कहा गया कि आप सुरक्षित हैं जल्द ही आपको निकाला जाएगा।।
रविवार को प्रात: एसडीआरएफ के मौके पर पहुंचते ही सोन नदी पर रोप की सहायता से नदी को पार कर कड़ी मशक्कत के बाद 6 लोगों को सुरक्षित निकाला गया।

वहीं सुरक्षित रेस्क्यू किए गए युवाओं ने ग्रामीण युवाओं व एसडीआरएफ का आभार प्रकट किया।
ग्रामीण रमेश भट्ट ने बताया कि, शनिवार रात्रि में युवाओं की सूचना मिलते ही गांव के युवा उन्हें बचाने निकल पड़े, संसाधन न होने से रेक्यू नही किया गया, सिर्फ फंसे लोगों तक भोजन पैकेट भेजे गए, उन्होंने बताया कि प्रात: एसडीआरएफ के पहुंचते ही नदी को पार कर सभी लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।



