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रूद्रप्रयाग में 79वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास से मनाया गया, उत्कृष्ट कार्य करने वाले कार्मिकों को प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित

जिलाधिकारी ने सशक्त, स्वच्छ, शिक्षित और पर्यावरण-संवेदनशील भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का दिया संकल्प

रूद्रप्रयाग। आजादी के 79वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में जनपद रुद्रप्रयाग में स्वतंत्रता दिवस का राष्ट्रीय पर्व पूरे उत्साह, उल्लास और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। प्रातःकाल से ही जनपद मुख्यालय सहित समूचे जिले में सरकारी कार्यालयों, शिक्षण संस्थानों एवं सार्वजनिक स्थलों पर तिरंगा फहराने और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारियों का उत्साह दिखाई दे रहा था।

मुख्य कार्यक्रम जिला कार्यालय (कलेक्ट्रेट) परिसर में आयोजित हुआ, जहां जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने प्रातः 9:30 बजे राष्ट्रीय ध्वज फहराकर स्वतंत्रता दिवस समारोह का शुभारंभ किया। ध्वजारोहण के साथ ही राष्ट्रगान गूंज उठा और उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं नागरिकों ने सलामी दी।

जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को नमन करते हुए कहा कि आजादी हमें सहजता से नहीं मिली, इसके लिए अनगिनत वीरों ने अपने प्राणों की आहुति दी। उन्होंने विशेष रूप से चंपारण सत्याग्रह का उल्लेख करते हुए महात्मा गांधी के नेतृत्व में हुए इस ऐतिहासिक आंदोलन की भूमिका और उसके देशव्यापी प्रभाव पर प्रकाश डाला। उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज के तीनों रंगों के महत्व का विस्तार से वर्णन करते हुए कहा — केसरिया रंग साहस एवं त्याग का प्रतीक है, सफेद रंग शांति और सत्य का संदेश देता है, तथा हरा रंग समृद्धि और विकास का द्योतक है। अशोक चक्र निरंतर प्रगति और कर्मपथ पर अग्रसर रहने की प्रेरणा देता है।

जिलाधिकारी ने कहा कि आज का दिन केवल उत्सव का नहीं, बल्कि आत्ममंथन का भी है। हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम एक सशक्त, स्वच्छ, शिक्षित और पर्यावरण-संवेदनशील भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएंगे। उन्होंने जनपदवासियों से स्थानीय उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने और स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने का आग्रह किया।

ध्वजारोहण के उपरांत स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा मनमोहक देशभक्ति गीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिनमें “वंदे मातरम्”, “सारे जहाँ से अच्छा” जैसे गीतों की गूंज ने पूरे परिसर को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। इन प्रस्तुतियों को उपस्थित जनों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ सराहा।

इस अवसर पर विभिन्न विभागों के उन कर्मचारियों को, जिन्होंने उत्कृष्ट कार्य कर प्रशासनिक एवं सामाजिक क्षेत्र में विशेष योगदान दिया है, जिलाधिकारी द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। तथा स्कूली छात्र-छात्राओं को भी स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए, यह सम्मान समारोह न केवल छात्र-छात्राओं एवं कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाने वाला रहा, बल्कि अन्य लोगों के लिए प्रेरणास्रोत भी बना।

कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण स्थानीय संस्कृति और परंपरा का सम्मान था। समारोह के अंत में जनपद के पारंपरिक उत्पादों से तैयार रोटना और अर्से मिठाई का वितरण सभी उपस्थित जनों में किया गया। इसका उद्देश्य “वोकल फॉर लोकल” की भावना को मजबूत करना और स्थानीय उत्पादों के प्रति लोगों में गर्व की भावना जागृत करना था। पूरे कार्यक्रम के दौरान अनुशासन, स्वच्छता और गरिमामयी वातावरण बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया गया। कार्यक्रम का संचालन अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा द्वारा किया गया। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, मुख्य शिक्षा अधिकारी प्रमेंद्र बिष्ट, मुख्य कृषि अधिकारी लोकेंद्र सिंह बिष्ट, वरिष्ठ कोषाधिकारी चंद्र प्रकाश सती, जिला पूर्ति अधिकारी के एस कोहली, परियोजना प्रबंधक रीप पी.के भट्ट, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार, सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षण संस्थानों के प्रधानाचार्य, अध्यापक, छात्र-छात्राएं एवं आमजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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