न्याय पंचायत फाटा में जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार कार्यक्रम आयोजित, गुलदार, भालू के आतंक सहित विद्युत सड़क की समस्याएं रही प्रमुख

फाटा। विकासखंड ऊखीमठ की न्याय पंचायत फाटा के राईका फाटा में जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के तहत बहुउद्देशीय शिविर प्रशासन गांव की ओर कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
न्याय पंचायत में आयोजित शिविर का शुभारंभ केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल द्वारा किया गया। कार्यक्रम में उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया। तथा इन स्टॉलों के माध्यम से ग्रामीणों को विभागीय योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई तथा पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही योजनाओं से लाभान्वित किया गया।
शिविर में उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण, कृषि, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य, उद्योग, समाज कल्याण, पंचायती राज/ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयुष्मान आरोग्य शिविर, राजस्व विभाग, महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास, समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पंजीकरण, राशन कार्ड केवाईसी, एलपीजी केवाईसी सहित विभिन्न विभागों द्वारा सहभागिता की गई।
शिविर में 30 से अधिक आधार कार्ड बनाए गए तथा 18 से अधिक किसानों के प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से संबंधित प्रकरणों का समाधान भी किया गया तथा किसानों द्वारा कृषि उपकरणों की खरीद के साथ ही अन्य योजनाओं की भी जानकारी ली।
जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों द्वारा कुल 65 समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखी गईं, जिनमें से अधिकांश समस्याओं का समाधान मौके पर ही किया गया। जबकि शेष समस्याओं के शीघ्र निस्तारण हेतु संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया।
ग्रामीणों द्वारा गुलदार, भालू एवं अन्य जंगली जानवरों की बढ़ती सक्रियता से उत्पन्न समस्याओं की ओर विशेष रूप से ध्यान आकृष्ट कराया गया। इस पर उप वन संरक्षक रुद्रप्रयाग रजत सुमन ने बताया कि वन विभाग द्वारा मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकथाम हेतु संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त, आधुनिक उपकरणों से वन्यजीवों की मूवमेंट पर निगरानी तथा स्कूली छात्र-छात्राओं हेतु निःशुल्क वाहन सुविधा जैसी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि इस विषय पर मा० मुख्यमंत्री द्वारा उच्चस्तरीय समीक्षा की जा रही है तथा यह विषय लोकसभा में भी उठाया जा चुका है, जिससे सरकार की गंभीरता और प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है।
इसके अतिरिक्त जुरानी से मैंखंडा मार्ग की मरम्मत, भगवान की विभिन्न डोलियों के पैदल मार्गों का सुधार, नागताल झील का सौंदर्यकरण, फाटा बाजार में जल निकासी व्यवस्था, विद्युत, पेयजल, सड़क, आवास, गौशालाओं एवं सौर ऊर्जा से संबंधित समस्याएं भी रखी गईं।
शिविर में विधायक केदारनाथ ने कहा कि जनपद के दूरस्थ क्षेत्रों की न्याय पंचायतों में ऐसे शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों में ग्रामीणों की समस्याओं को उनके क्षेत्र में जाकर सुनना तथा उनका त्वरित समाधान करना सरकार का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने ग्रामीणों से आगामी शिविरों में अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता करने तथा समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखने की अपील की साथ ही विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने का भी आह्वान किया।
शिविर में जिला पंचायत सदस्य अमित मैखंडी, प्रधान रविग्राम रामेश्वर जमलोकी, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष सुमन जमलोकी, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, उप वनसंरक्षक रजत सुमन, उपजिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल शुक्ला, जिला विकास अधिकारी अनिता पंवार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामप्रकाश, खंड विकास अधिकारी ऊखीमठ अनुष्का, मुख्य कृषि अधिकारी लोकेन्द्र बिष्ट, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आशीष रावत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।



