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हेली टिकट ऑफ़लाइन काउंटर बने शोपीस , बिना टिकट मिले ही लौट रहे तीर्थ यात्री

हेली टिकट बुकिंग ऑफ़लाइन काउंटर बने शोपीस , बिना टिकट मिले ही लौट रहे तीर्थ यात्री

रुद्रप्रयाग/केदारघाटी। श्रीकेदारनाथ धाम के लिए संचालित हेली सेवाओं के ऑनलाइन टिकट का संचालन उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा ) ने तीन साल का अनुबंध कर आईंआरसीटीसी को दिया है। केदारनाथ धाम के लिए 90 प्रतिशत ऑनलाइन टिकट एवं 10 प्रतिशत ऑफ़लाइन काउंटर टिकट की प्रक्रिया बनाई गई है। जिसमे इमरजेंसी कोटा के तहत ऑफ़लाइन टिकट यूकाड़ा द्वारा मॉनिटरिंग की जा रही है। ऑफ़लाइन के लिए इस बार तीन सेक्टर के अनुसार गुप्तकाशी, फाटा एवं शेरसी में टिकट काउंटर बनाए गए हैं। लेकिन तीर्थ यात्रियों को इन काउंटर पर केदारनाथ धाम के लिए हेली टिकट नही मिल पा रहे है।
टिकट काउंटर पर कार्यरत कर्मचारियों द्वारा कभी सर्वर की दिक्कत तो कभी हेली कंपनियों द्वारा डिमांड न दिया जाना कहा गया।

काउंटर पर मौजूद तीर्थ यात्रियों ने बताया कि हेली टिकट के लिए 3 बजे रात्रि से लाइन में लग रहे हैं, परन्तु काउंटर खुलने पर टिकट के लिए मना किया जाता है। तीर्थ यात्रियों ने कहा कि ऑनलाइन में आधा घण्टे में सारी टिकट बिक जाती हैं , ओर काउंटर पर भी टिकट नही मिल पा रही है, इस प्रकार बुजुर्ग तीर्थ यात्री बिना दर्शन किए वापिस घर जा रहे हैं।    बता दें कि प्रदेश सरकार ने तीर्थ यात्रियों की सुविधा के लिए आईआरसीटीसी को यह अनुबंध दिया है, लेकिन यात्रियों के साथ धोखाधड़ी के मामले लगातार आ रहे हैं।

होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम गोस्वामी ने बताया कि विगत वर्ष ऑफ़लाइन काउंटर पर तीर्थ यात्रियों को टिकट उपलब्ध हो जाते थे लेकिन इस वर्ष तीर्थ यात्री काउंटर से बैरंग ही लौट रहे हैं,

उखीमठ ब्लॉक कनिष्क प्रमुख शैलेन्द्र कोटवाल ने बताया कि बुकिंग काउंटर पर हेली टिकट न मिल पाना दुःखद है, कई बुजुर्ग तीर्थ यात्री जो पैदल रास्ते से धाम नहीं जा पाते उन्हें टिकट की उपलब्धता होनी चाहिए, वहीं उन्होंने यह भी बताया कि स्थानीय जनता को हेली टकट किराए में छूट मिलनी चाहिए।

वहीं, स्थानीय होटल व्यवसायियों ने शासन प्रशासन से तीर्थ यात्रियों को ऑफ़लाइन काउंटर पर टिकट उपलब्ध कराए जाने की मांग की है।

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