महाशिव पुराण कथा के नौवें दिन निकली भव्य जल कलश यात्रा

लक्ष्मण सिंह नेगी।
सैकड़ों श्रद्धालुओं की सहभागिता, शिव महापुराण व गंगा महिमा का हुआ भावपूर्ण वर्णन
ऊखीमठ। काली एवं सरस्वती नदियों के पावन संगम स्थल तथा उत्तर गया के नाम से विख्यात रुच्छ महादेव मंदिर में आयोजित महाशिव पुराण कथा के नौवें दिन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। प्रातःकाल निकाली गई भव्य जल कलश यात्रा में सैकड़ों महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने पारंपरिक वेशभूषा में उत्साहपूर्वक भाग लिया। श्रद्धालुओं ने पवित्र जल कलश सिर पर धारण कर भगवान शिव के जयघोषों के साथ पूरे क्षेत्र को भक्तिमय वातावरण से सराबोर कर दिया। जल कलश यात्रा संगम से प्रारम्भ होकर विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए पुनः कथा स्थल पहुंची। यात्रा के दौरान श्रद्धालु “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष लगाते रहे। महिलाओं द्वारा गाए गए मंगल गीतों तथा भजन-कीर्तन ने पूरे वातावरण को शिवमय बना दिया।
कथा के दौरान ब्यास पीठ पर विराजमान हरिद्वार के प्रख्यात कथावाचक संजय कृष्ण शास्त्री ने भगवान शिव की महिमा का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि शिव महापुराण केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को सत्य, सेवा, संयम और सदाचार का मार्ग दिखाने वाला दिव्य ग्रंथ है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव अपने भक्तों पर शीघ्र प्रसन्न होने वाले देव हैं और सच्ची श्रद्धा एवं निष्काम भक्ति से की गई आराधना प्रत्येक मनोकामना पूर्ण करती है। उन्होंने अपने प्रवचन में मां गंगा की महिमा का विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और जीवन का आधार है। उन्होंने कहा कि गंगा का स्मरण, दर्शन और स्नान मनुष्य के पापों का क्षय कर आत्मा को पवित्र करता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से नदियों की स्वच्छता बनाए रखने तथा पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने का भी आह्वान किया।
इस अवसर पर उत्तराखंड सरकार में राज्य मंत्री चण्डी प्रसाद भट्ट भी कथा में शामिल हुए। उन्होंने ब्यास पीठ का आशीर्वाद प्राप्त कर भगवान रुच्छ महादेव व कोटि माहेश्वरी के दर्शन किए तथा कथा श्रवण कर पुण्य अर्जित किया। उन्होंने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना, सांस्कृतिक मूल्यों और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का कार्य करते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपनी समृद्ध धार्मिक परंपराओं को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का आग्रह किया। विपिन शास्त्री ने बताया कि कथा स्थल पर दिनभर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही। दूर-दराज के गांवों से पहुंचे भक्तों ने पूरे श्रद्धाभाव के साथ कथा श्रवण किया। बताया कि पूरे दिन रुच्छ महादेव धाम “हर-हर महादेव” के जयघोषों से गुंजायमान रहा। प्रधान कालीमठ प्रदीप राणा ने बताया कि महाशिव पुराण कथा के माध्यम से उन्हें आध्यात्मिक शांति, धार्मिक ज्ञान और जीवन को सकारात्मक दिशा देने की प्रेरणा प्राप्त हो रही है। इस मौके पर आचार्य सूरज उनियाल, अमित कोठारी , विजय बहुगुणा, प्रेम प्रकाश भट्ट, आयुष भट्ट, अजय भट्ट, पुरूषोत्तम भट्ट, प्रधान त्यूडी सुभाष रावत, देवेन्द्र राणा, दिनेश सत्कारी, अमर सिंह धिरवाण, उदय सेमवाल, गीता रावत, आनन्द सिंह राणा , गोपाल सिंह राणा, भगत सिंह सत्कारी, प्रबल सिंह सत्कारी, सूरज सिंह सत्कारी, अब्बल सिंह सहित कालीमठ घाटी के विभिन्न गांवों के श्रद्धालु व महिला मंगल दल त्यूडी की महिलाएं मौजूद थी।



