
लक्ष्मण सिंह नेगी।
ऊखीमठ। मदमहेश्वर घाटी की सीमान्त ग्राम पंचायत व सुरम्य मखमली बुगयालो की तलहटी मे बसे गडगू गांव से लगभग तीन किमी दूर सुरम्य मखमली बुग्यालों में एक दिवसीय जाख मेले का भव्य आयोजन किया गया जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने शामिल होकर क्षेत्र की खुशहाली व विश्व समृद्धि की कामना की तथा अनेक प्रकार के व्यंजन जाख राजा को अर्पित कर मनौती मांगी। देर सांय जाख राजा की डोली के सुरम्य मखमली बुग्यालों से गडगू गाँव पहुंचने पर एक दिवसीय जाख मेले का समापन हो गया है तथा एक दिवसीय जाख मेले के आयोजन से गडगू गाँव से लेकर तीन किमी दूर सुरम्य मखमली बुग्यालों के भूभाग का वातावरण भक्तिमय बना रहा। ब्रह्म बेला पर विद्धान आचार्यो ने गडगू गाँव में भगवान मदमहेश्वर व जाख राजा मन्दिर में पंचाग पूजन के तहत अनेक पूजायें सम्पन्न कर भगवान मदमहेश्वर, जाख राजा सहित तैतीस कोटि देवी – देवताओं का आवाहन कर आरती उतारी तथा ग्रामीणों ने जाख राजा की डोली का भव्य श्रृंगार कर आरती उतारी। ठीक नौ बजे जाख राजा की डोली अनेक देवी – देवताओं के निशाणो, स्थानीय वाध्य यंत्रों की मधुर धुनों , महिलाओं के मांगलिक जागरो व सैकड़ों भक्तों की जयकारो के साथ सुरम्य मखमली बुग्यालों के लिए रवाना हुई तथा गडगू गाँव के मध्य विराजमान मुख्य मन्दिर की तीन परिक्रमा कर खेत – खलिहानों में नृत्य कर ग्रामीणों को आशीष दिया तथा ग्रामीणों ने जाख राजा की डोली का पुष्प – अक्षत्रो से भव्य स्वागत कर लाल – पीले वस्त्र अर्पित कर विश्व समृद्धि की कामना की! गडगू गाँव से लेकर तीन किमी दूर सुरम्य मखमली बुग्यालों तक फैले भूभाग में जाख राजा की डोली ने प्राकृतिक जल स्रोतों व विसुणी नदी में परम्परानुसार गंगा व तीर्थ स्नान किया। जाख राजा की डोली के सुरम्य मखमली बुग्यालों में पहुंचने पर वहाँ पूर्व मौजूद सैकड़ों भक्तों की जयकारो से सम्पूर्ण गुजायमान हो उठा तथा विद्वान आचार्यों ने पंचमुखी आरती से जाख राजा की डोली की अगुवाई की। दोपहर बाद ग्रामीणों द्वारा अनेक प्रकार के व्यंजन जाख राजा को अर्पित कर क्षेत्र के खुशहाली की कामना की। जाखराजा को अनेक प्रकार के व्यजन परोसने के बाद सभी श्रद्धालुओ के लिए सामूहिक भोज का आयोजन किया गया। सामूहिक भोज के बाद जाखराजा की डोली अपने तपस्थली गडगू गांव के लिए रवाना हुई तथा खेत – खलिहानो मे नृत्य करने के बाद भक्तो को आशीर्वाद देकर अपनी तपस्थली मे विराजमान हुई। निवर्तमान जिला पंचायत सदस्य कालीमठ विनोद राणा ने बताया कि गडगू गांव से लगभग तीन किमी दूर सुरम्य मखमली बुग्यालो मे प्रति वर्ष माघ महीने की पांच गये को जाखराजा मेले का आयोजन किया जाता है तथा मेले मे सामूहिक भोज की परम्परा युगो पूर्व की है। निवर्तमान प्रधान बिक्रम सिंह नेगी ने बताया कि एक दिवसीय जाख मेले मे मदमहेश्वर घाटी का हर गांव का जनमानस बढ़ – चढ़कर भागीदारी करता है तथा जाख राजा के दरवार मे हर मनुष्य की हर मनोकामना पूर्ण होती है।



