मौसम का बदला मिजाज सर्द हवाओं से बड़ी ठंड

ऊखीमठ। केदार घाटी के हिमालयी भूभाग मे एक बार फिर मौसम ने करवट बदल दी है । केदारघाटी के हिमालयी क्षेत्रो मे बादल छाने व निचले भूभाग मे सर्द हवाओ के चलने से तापमान मे भारी गिरावट महसूस होने लगी है जिससे जनजीवन खासा प्रभावित हो गया है तथा सम्पूर्ण केदार घाटी शीतलहर की चपेट मे आ गयी है आने वाले कुछ घन्टो मे यदि मौसम का मिजाज इसी प्रकार रहा तो हिमालयी भूभाग सहित ऊंचाई वाले इलाको मे बर्फबारी का आगाज हो सकता है । शनिवार सुबह को केदार घाटी ने अचानक करवट बदली तो हिमालयी क्षेत्रो मे बादल छाने व निचले भूभाग मे सर्द हवाओ के चलने से सम्पूर्ण केदार घाटी शीतलहर की चपेट मे आने से तापमान मे भारी गिरावट महसूस होने लगी है जिससे जनजीवन खासा प्रभावित हो गया है। आने वाले कुछ घन्टो मे यदि मौसम का मिजाज इसी प्रकार रहा तो वासुकीताल, केदारनाथ, मनणामाई तीर्थ, पाण्डव सेरा ,नन्दीकुण्ड, मदमहेश्वर, टिगरी, विसुणीताल, चन्द्रशिला,तुंगनाथ, चोपता, देवरियाताल, पवाली कांथा, त्रियुगीनारायण, कार्तिक स्वामी सहित 8 हजार फीट के ऊंचाई वाला भूभाग एक बार फिर बर्फबारी से लदक हो सकता है। तुंगनाथ घाटी, त्रियुगीनारायण व कार्तिक स्वामी मे मौसम के अनुकूल बर्फबारी होती है तो स्थानीय पर्यटन व्यवसाय मे खासा इजाफा हो सकता है तथा प्राकृतिक जल स्रोतो के जल स्तर मे वृद्धि हो सकती है । व्यापार संघ अध्यक्ष त्रियुगीनारायण महेंद्र सेमवाल ने बताया कि मौसम इन दिनों सर्द बना हुआ है, त्रियुगीनारायण में नव युगल शादी के बंधन में बंधने हेतु आ रहे हैं। आने वाले दिनों में बर्फबारी होती है तो श्रद्धालुओं व पर्यटकों की संख्या में इजाफा हो सकता है। निवर्तमान प्रधान बुरूवा सरोज भट्ट ने बताया कि मदमहेश्वर घाटी के निचले इलाको मे सर्द हवाओ के चलने से जनजीवन खासा प्रभावित हो गया है तथा ग्रामीण घरो मे कैद रहने के लिए विवश हो गये है। निवर्तमान प्रधान पाली सरूणा प्रेमलता पन्त ने बताया की सम्पूर्ण क्षेत्र के शीतलहर की चपेट मे आने से तापमान मे भारी गिरावट महसूस होने लगी है । निवर्तमान प्रधान जाल मल्ला त्रिलोक रावत ने बताया कि आने वाले समय मे यदि मौसम का मिजाज इसी प्रकार रहा तो ऊंचाई वाले इलाको सहित सीमान्त गांवो मे जमकर बर्फबारी हो सकती है ।



