केदारघाटी के नारायणकोटि में पांडव नृत्य की धूम, प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु पांडव देवों का ले रहे आशीर्वाद

केदारघाटी के नारायणकोटि में पांडव नृत्य की धूम, प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु पांडव देवों का ले रहे आशीर्वाद
ब्यूरो। केदारघाटी के ग्राम पंचायत नारायणकोटि में 28 नवंबर से आयोजित पांडव नृत्य लीला में प्रतिदिन क्षेत्र के सैकड़ो भक्त प्रतिभाग़ कर पुण्य अर्जित कर रहे हैं। इस पौराणिक धार्मिक आयोजन में ग्रामीणों ने भगवान पांडव देवों से क्षेत्र की खुशहाली व समृद्धि की कामना की। वहीं धार्मिक आयोजन से गांव क्षेत्र में प्रवासियों एवं धियानियों के पहुंचने से रौनक बनी हुई है।
द्वापर युग के पांडवों के युद्ध, वनवास और मोक्ष की सभी कथाओं को जीवंत करने के उद्देश्य से नौ वर्षों बाद ग्राम नारायणकोटि में पांडव नृत्य लीला का आयोजन किया जा रहा है।
पांडव नृत्य लीला के पच्चीसवें दिन की लीला मंचन में पाण्डवों का अज्ञातवास के दौरान विराट नरेश के राज्य में पाण्डवों का पहुंचने तथा चेचक वध की लीला प्रस्तुत हुई। 
वहीं, पाण्डव नृत्य लीला में विशेष आकर्षण गंगा स्नान, तीर्थ भ्रमण, ग्राम भ्रमण, गैंडा कोथि, चक्रव्यूह, हाथी कोथि, मोरू धार सहित अनेक धार्मिक, पौराणिक, आध्यात्मिक परम्पराओं का निर्वहन किया जायेगा।
वहीं पांडव नृत्य लीला में युधिष्ठिर – रूप सिंह पुजारी, भीम – गजपाल गोस्वामी, अर्जुन- अर्जुन भलवान, नकुल – हरीश चौहान, सहदेव- मनोज नेगी , हनुमान – अनूप पुजारी, द्रौपदी – अनिल पुजारी , सुभद्रा कुलदीप राणा, बर्बरीक – प्रेम सिंह भलवान, नागार्जुन – प्रकाश राणा, कुंती – वैशाखी देवी पांडव लीला में पश्वाओं की भूमिका निभा रहे हैं।
पाण्डव नृत्य में 25 दिसंबर को चक्रव्यूह लीला का विशेष मंचन किया जाएगा।

पाण्डव नृत्य लीला में पच्चीसवें दिन बतौर मुख्य अतिथि पहुंची राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष राज्यमंत्री ऐश्वर्या रावत ने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों से गांव क्षेत्र में आपसी सौहार्द बना रहता है तथा ग्रामीण व क्षेत्रवासी अपनी पौराणिक संस्कृति से रूबरू होते हैं। हमें इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों में हमेशा प्रतिभाग करना चाहिए। उन्होंने साथ ही महिला सशक्तिकरण को लेकर हो रहे कार्यों के संबंध में भी जानकारी दी।
श्री केदारनाथ धाम के प्रधान पुजारी शिव शंकर लिंग ने कहा कि केदारघाटी देवों की भूमि है इसके कण कण में भगवान का वाश है, हम सभी इन पौराणिक परम्पराओं का निर्वहन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नारायणकोटि में नवग्रह देवताओं के दर्शन भी किए जाते हैं। इस पावन स्थान पर पहुंचना मेरा सौभाग्य है। पांडव नृत्य लीला समिति के अध्यक्ष दलवीर पुजारी ने बताया कि नौ वर्षों बाद पांडव नृत्य एवं लीला का आयोजन किया जा रहा है, उन्होंने कहा कि आगामी वर्षों में भी इस तरह के धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने सभी आगंतुक अतिथियों का आभार प्रकट कर स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
पांडव नृत्य में पांच पांडवों के दर्शन के लिए प्रतिदिन सैकड़ो की तादाद में भक्त आकर पुण्य अर्जित कर रहे हैं।
पांडव नृत्य के पच्चीसवें दिन कार्तिक स्वामी मंदिर समिति अध्यक्ष विक्रम सिंह नेगी, चारधाम होटल एसोसिएशन उपाध्यक्ष प्रेम दत्त गोस्वामी, वेदपाठी विश्वमोहन जमलोकी, नितिन जमलोकी, अशोक सेमवाल, रीना अग्रवाल, पुष्पेंद्र रावत, पांडव नृत्य समिति सचिव विजय रावत, निर्देशक प्रदीप पुजारी, अवधेश रावत, आशीष गोस्वामी, सच्चिदा नन्द पुजारी, मयंक पुजारी, जबर सिंह भलवान, गोविंद सिंह पुजारी समेत सैकड़ों भक्त व ग्रामीण मौजूद रहे।



