भगवती चामुण्डा की दिवारा यात्रा केदारनाथ धाम दर्शन कर केदारघाटी के गांवों का कर रही भ्रमण

लक्ष्मण सिंह नेगी
ऊखीमठ। कालीमठ घाटी के सीमांत गांवों की आराध्य भगवती चामुण्डा की दिवारा यात्रा केदारनाथ यात्रा के अहम पड़ाव बडासू से भावुक क्षणो के साथ विदा होकर रात्रि प्रवास के लिए कोरखी पहुंच गयी है। दिवारा यात्रा के केदार घाटी आगमन से सम्पूर्ण भूभाग भक्तिमय बना हुआ है तथा सैकड़ो श्रद्धालु दिवारा यात्रा की अगुवाई कर रहे है।
शुक्रवार को भगवती चामुण्डा की दिवारा यात्रा रात्रि प्रवास के लिए खुमेरा पहुंचेगी तथा 22 सितम्बर को अपने भण्डार गृह जाल मल्ला मे जगत कल्याण के लिए तपस्यारत होगी।
भगवती चामुण्डा के भण्डार गृह जाल मल्ला मे विराजमान होने पर प्रथम चरण की दिवारा यात्रा का समापन होगा तथा अगले वर्ष शुभ लगनानुसार द्वितीय चरण की दिवारा यात्रा का शुभारंभ होगा। गुरूवार को ब्रह्म बेला पर विद्वान आचार्य अमित देवशाली , राजेन्द्र प्रसाद देवशाली , राहुल देवशाली , हिमांशु भट्ट और , पुरूषोत्तम भट्ट ने बडासू मे पंचाग पूजन के तहत विधि – विधान से अनेक पूजाये समपन्न कर भगवती चामुण्डा , भगवान केदारनाथ सहित तैतीस कोटि देवी – देवताओ का आवाहन कर आरती उतारी तथा ठीक 10 बजे भगवती चामुण्डा की दिवारा यात्रा बडासू से विदा हुई। भगवती चामुण्डा की दिवारा यात्रा के बडासू से विदा होने पर असंख्य भक्तो ने अनेक प्रकार की पूजा सामाग्री व लाल पीले वस्त्र अर्पित कर भावुक क्षणो के साथ विदा किया। भगवती चामुण्डा कि दिवारा ने बडासू ,फाटा , मैखण्डा व कोरखी के मध्य विभिन्न स्थानो का नगर भ्रमण कर भक्तो की कुशलक्षेम पूछकर आशीर्वाद दिया तथा देर सांय दिवारा यात्रा के रात्रि प्रवास के लिए कोरखी गांव पहुंचने पर व्यापारियो, जनप्रतिनिधियो व ग्रामीणो ने पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया। इस मौके दिवारा यात्रा समिति अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह सत्कारी , संरक्षक कृपाल सिंह राणा , त्रिलोक सिंह रावत, उपाध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह तिन्दोरी , सचिव कीरथ सिंह राणा , कोषाध्यक्ष योगम्बर सिंह रावत , दिनेश सत्कारी , पूर्व प्रधान मोहन सिंह राणा , मुलायम सिंह तिन्दोरी , कलम सिंह तिन्दोरी ,राय सिंह तिन्दोरी , हर्षवर्धन पंवार, बीरबल सिंह रावत, विजय सिंह तिन्दोरी , सुभाष रावत, सुभाष तिन्दोरी, प्रमोद पंवार, जगत सिंह राणा , पवन रावत सहित , बडासू, फाटा , मैखण्डा , कोरखी के ग्रामीण व देश – विदेश के सैकड़ो श्रद्धालु मौजूद थे।




