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शीतलहर व वन्य जीवों से होने वाले नुकसान को लेकर जिलाधिकारी ने ली समीक्षा बैठक

शीतलहर व वन्य जीवों से होने वाले नुकसान को लेकर जिलाधिकारी ने ली समीक्षा बैठक

बैठक में में लैंडस्लाइड प्रोटेक्शन वर्क की भी हुई समीक्षा

रूद्रप्रयाग। जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने जनपद स्तरीय अधिकारियों के साथ शीतलहर एवं वन्य जीव से होने वाले नुकसान तथा लैंडस्लाइड प्रोटेक्शन वर्क की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में जहां एक ओर वन विभाग की आपत्तियों के चलते सड़क निर्माण दायी संस्थाओं की सड़कों पर विस्तार से चर्चा की गई वहीं दूसरी ओर शीतलहर व वन्य जीवों से होने वाले नुकसान पर भी गहनता से चर्चा की गई।

जिलाधिकारी ने शीतलहर को लेकर अधिकारियों को जरुरी दिशा-निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शीतलहर के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है, इसलिए सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रहने हेतु निर्देशित किया गया है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि सड़क मार्गों को साफ करने के लिए जेसीबी और अन्य मशीनरी का उपयोग किया जाए, वन्यजीवों की सक्रियता वाले क्षेत्रों में ग्रामीणों को जागरूक किया जाए, और आपदा प्रबंधन टीमों को तैयार रखा जाए। इसके अलावा, शीतलहर से प्रभावित लोगों को आवश्यक सहायता प्रदान करने और अस्पतालों में अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि शीतलहर के दौरान लोगों की सुरक्षा और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे शीतलहर के कारण होने वाली किसी भी आपदा से निपटने के लिए तैयार रहें।

जिलाधिकारी ने वन्यजीव से होने वाले नुकसान को लेकर अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में वन्यजीवों के हमले से बचाव के लिए आवश्यक कदम उठाने पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे वन्यजीवों के हमले से प्रभावित क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाएं और लोगों को वन्यजीवों से बचाव के तरीके बताएं।
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि वन्यजीवों के हमले में घायल हुए लोगों को तत्काल चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे वन्यजीवों के हमले को रोकने के लिए आवश्यक उपाय करें और प्रभावित क्षेत्रों में गश्त बढ़ाएं।
प्रभागीय वनाधिकारी रजत सुमन ने बताया कि वन्यजीवों के हमले की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। बताया कि वन्यजीवों के हमले वाले क्षेत्रों में चेनलिंक फेंसिंग और वन्यजीवों को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं।

जिलाधिकारी ने जनपद के अंतर्गत लैंडस्लाइड प्रोटेक्शन वर्क की समीक्षा की। बैठक में जिलाधिकारी ने सड़क निर्माण दायी संस्थाओं के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे लैंडस्लाइड प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा कार्य तेजी से पूरा करें। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि शीतलहर और बर्फबारी के कारण सड़क मार्गों पर वाहनों का आवागमन आसानी से हो इसके साथ ही सुरक्षा कार्यों को प्राथमिकता दी जाए।
इस अवसर पर उप जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग सोहन सिंह सैनी,ऊखीमठ अनिल कुमार शुक्ला, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग रुद्रप्रयाग इंद्रजीत बोस, ऊखीमठ राकेश प्रकाश नैथानी, जल संस्थान अनीश पिल्लई, जल निगम नवल कुमार, उप प्रभागीय वनाधिकारी डीएस पुंडीर सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

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