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सेन्चुरी वन अधिनियम के नियमों में छूट की मांग को लेकर मदमहेश्वर यात्रा पड़ाव गौण्डार में दूसरे दिन भी जारी रहा ग्रामीणों व हक हकूक धारियों का आंदोलन।

सेन्चुरी वन अधिनियम के नियमों में छूट की मांग को लेकर मदमहेश्वर यात्रा पड़ाव गौण्डार में दूसरे दिन भी जारी रहा ग्रामीणों व हक हकूक धारियों का आंदोलन।

रिपोर्ट/लक्ष्मण नेगी

ऊखीमठ। द्वितीय केदार भगवान मदमहेश्वर यात्रा के प्रमुख पड़ाव गौण्डार में पंच कारिवारियान हक – हकूकधारी मदमहेश्वर धाम एवं गौण्डार के ग्रामीणों के सयुक्त तत्वावधान में पांच सूत्रीय मांगों को लेकर चल रहा आन्दोलन दूसरे दिन भी जारी रहा। आन्दोलन के दूसरे दिन मदमहेश्वर घाटी के विभिन्न गाँव के ग्रामीणों व मदमहेश्वर धाम जाने वाले तीर्थ यात्रियों ने ग्रामीणों के आन्दोलन को अपना समर्थन दिया। आन्दोलन के कारण मदमहेश्वर धाम सहित विभिन्न यात्रा पड़ावों पर सभी व्यापारिक प्रतिष्ठानों के बन्द रहने से मदमहेश्वर धाम सहित यात्रा पड़ावों पर सन्नाटा पसरा हुआ है तथा मदमहेश्वर धाम जाने वाले तीर्थ यात्रियों को पानी तक नसीब नहीं हो रहा है।

पांच सूत्रीय मांगों को लेकर गौण्डार गांव में चल रहे आन्दोलन के दूसरे दिन आन्दोलनकारियों को सम्बोधित करते हुए प्रधान बीर सिंह पंवार ने कहा कि केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग के सेन्चुरी वन अधिनियम के कारण मदमहेश्वर धाम से लेकर कल्पनाथ तक के सभी तीर्थ व पर्यटक स्थलों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव होने से क्षेत्र का तीर्थाटन, पर्यटन व्यवसाय खासा प्रभावित हो रहा है! पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य शिवानन्द पंवार ने कहा कि मदमहेश्वर धाम में युगों से अपनी परम्पराओं का निर्वहन करने वाले हक – हकूकधारियो को केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग द्वारा बेदखली के नोटिस थमाकर हक – हकूकधारियो का उत्पीड़न किया जा रहा है। आन्दोलन को समर्थन देने गौण्डार गांव पहुंचे मदमहेश्वर घाटी विकास मंच पूर्व अध्यक्ष मदन भटट् ने कहा कि मदमहेश्वर धाम में गौण्डार के ग्रामीण युगों से अपनी धार्मिक परम्पराओं का निर्वहन निस्वार्थ भाव से करते आ रहें तथा विभाग द्वारा हक – हकूकधारियो का उत्पीड़न किसी भी प्रकार से बर्दाश्त नहीं किया जायेगा तथा मदमहेश्वर घाटी के आम जनमानस द्वारा आन्दोलन को अपना समर्थन देकर आन्दोलन को उग्र रूप दिया जायेगा। यूपी मथुरा से मदमहेश्वर धाम की यात्रा पर पहुंचे सुधीर अग्रवाल ने आन्दोलन को अपना समर्थन देते हुए कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में तीर्थाटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केन्द्र व प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीणों की जायज मांगों पर शीघ्र अमल करना चाहिए! पूर्व प्रधान भगत सिंह पंवार ने कहा कि केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग के सेन्चुरी वन अधिनियम के कारण मदमहेश्वर धाम सहित गौण्डार गांव संचार युग में संचार सुविधा से वंचित है! भरत सिंह पंवार ने कहा कि केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग ने यदि बेदखली के नोटिस वापस नहीं लिये तो ग्रामीणों को उग्र आन्दोलन के लिए बाध्य होना पडे़गा जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी केन्द्र, प्रदेश सरकार व केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग की होगी। इस मौके पर वन पंचायत सरपंच शिशुपाल सिंह पंवार, नव युवक मंगल दल अध्यक्ष अजय पंवार, महिला मंगल दल अध्यक्ष कुन्ती देवी पंवार, आलम सिंह पंवार, सुरेशा सिंह पंवार, यशवन्त सिंह पंवार विशाम्बर सिंह पंवार मनजीत सिंह पंवार, सुनीता देवी कविता देवी, शाखा देवी, दीपा देवी बीना देवी, संगीता देवी, शरादी देवी, अरविन्द पंवार सहित दर्जनों हक – हकूकधारी व ग्रामीण मौजूद रहे।

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