मौसम का बदला मिजाज, निचले इलाकों में बड़ी ठंड

मौसम का बदला मिजाज, निचले इलाकों में बड़ी ठंड
फाटा। पहाड़ों में एक बार फिर मौसम करवट लेने लगा है। मौसम में बदलाव आने से काश्तकारों एवं स्थानीय जनमानस एवं पर्यटन व्यवसायियों को बारिश आने की संभावना नजर आने लगी है। बीते दो तीन दिनों से केदारघाटी सहित मदमहेश्वर घाटी एवं तुंगनाथ घाटी का मौसम शुष्क बना हुआ है। शनिवार प्रातः से ही आसमान में बादल बने होने से घाटी में शीत लहर चलने लगी है। आमजन गांव – कस्बों में गर्म अलाव लेते नजर आ रहे हैं। वहीं ग्रामीणों ने बताया कि लंबे इंतजार के बाद अब बारिश आने की संभावना नजर आने लगी है। उन्होंने बताया कि बारिश आने से बर्फबारी होने की उम्मीद है। जिस से पर्यटन व्यवसायियों का धीमा पड़ा व्यवसाय कुछ खिलने की संभावना है। वहीं काश्तकारों ने बेजान पड़ी भूमि पर बारिश होने से कुछ राहत मिलने की उम्मीद जताई है।
मौसम का रुख आने वाले दिनों में बदलता है तो बर्फबारी होने की संभवाना होने से बासुकीताल, केदारनाथ, पवांलीकांथा, मनणा माई, तुंगनाथ, चोपता, कार्तिक स्वामी, मोरू बुग्याल, नागताल सहित ऊंचाई वाले इलाके हिमाच्छादित होंगे।
तोषी ग्राम प्रधान दीपेंद्र सिंह रावत ने बताया कि इस वर्ष पर्यावरण असंतुलन ज्यादा ही नजर आ रहा है। हिमालय की ऊंची चोटियां बर्फ विहीन बनी हुई हैं।मौसम करवट तो ले रहा लेकिन बारिश ओर भारी बर्फबारी नहीं हो पा रही। होटल एसोसिएशन केदारघाटी के संरक्षक प्रेम गोस्वामी ने बताया कि बर्फबारी न होने से पर्यटन व्यवसाय धीमा बना हुआ है, बर्फबारी होने से पर्यटक मायूस लौट रहे हैं। काश्तकार अशोक सेमवाल ने बताया कि बरसात न होने से खेती को नुकसान हो रहा है, मौसम शुष्क होने से पाला अत्यधिक गिर रहा है, जिसमें गैहूँ, जौ, दालें सहित रवि की फसलें खराब हो रही हैं। उन्होंने बताया मौसम शुष्क होने से बारिश के आसार नजर आ रहे हैं।



