तुंगनाथ धाम में यात्री की दबंगई, घोड़ा-खच्चर संचालक का फोड़ा सिर, स्थानीय लोगों ने पुलिस के किया सुपुर्द

ऊखीमठ। विश्व प्रसिद्ध तृतीय केदार तुंगनाथ धाम में एक तीर्थयात्री की दबंगई और हिंसक हरकत ने सभी को झकझोर कर रख दिया। हरियाणा के यमुनानगर निवासी राघव नामक युवक पर आरोप है कि उसने मामूली विवाद के बाद एक घोड़ा-खच्चर संचालक पर हमला बोल दिया और हाथ में पहने लोहे के कड़े से उसके सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए।
हमले में संचालक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके सिर पर गहरे घाव आए हैं। घटना के बाद आरोपी मौके से भागने की कोशिश में था, लेकिन स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने आरोपी को खोज निकाला, पकड़कर उसे सबक सिखाया और फिर पुलिस के हवाले कर दिया।
देवभूमि की शांत व धार्मिक मर्यादाओं के बीच हुई इस घटना ने स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। लोगों का कहना है कि उत्तराखंड की पवित्र भूमि पर आकर इस तरह की गुंडागर्दी और हिंसा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
चारधाम और अन्य धार्मिक यात्राओं में हिंसा, अभद्रता और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
उधर, पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई और आरोपी के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मामले की जांच जारी है।
अब सवाल यह है कि, क्या देवभूमि में श्रद्धा के नाम पर आने वाले कुछ लोग अब कानून और मर्यादाओं को भी चुनौती देने लगे हैं? क्या धार्मिक स्थलों पर इस तरह की हिंसा करने वालों के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई की जरूरत है?



