उत्तराखंड

बाबा केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली केदारनाथ धाम के लिए हुई रवाना, पहुंची प्रथम रात्रि पड़ाव गुप्तकाशी

लक्ष्मण सिंह नेगी
ऊखीमठ। द्वादश ज्योत्रिलिंगो में अग्रणी व पर्वतराज हिमालय की गोद में बसे भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली अपने शीतकालीन गद्दी स्थल ओकारेश्वर मन्दिर से कैलाश के लिए रवाना हो गयी है। भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली के कैलाश रवाना होने पर विद्धान आचार्यों के वेद ऋचाओं, भक्तों की जयकारों, महिलाओं के धार्मिक भजनों, आर्मी व स्थानीय वाध्य यंत्रों की मधुर धुनों से क्षेत्र का वातावरण भक्तिमय बना रहा। भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली के कैलाश रवाना होने पर शीतकालीन गद्दी स्थल ओकारेश्वर मन्दिर को 8 कुन्तल अनेक प्रजाति के पुष्पों से भव्य रूप से सजाया गया था तथा अनेक भक्तों द्वारा विशाल भण्डारे का आयोजन किया गया है। देर सांय भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली प्रथम रात्रि प्रवास के लिए विश्वनाथ मन्दिर गुप्तकाशी पहुंचेगी तथा विभिन्न यात्रा पडावो पर भक्तों को आशीष देते हुए 9 मई को केदारनाथ धाम पहुंचेगी तथा 10 मई को प्रातः 7 बजे वृष लगन पर भगवान केदारनाथ के कपाट ग्रीष्मकाल के लिए खोल दिये जायेगें! रविवार देर सांय को ओकारेश्वर मन्दिर में समपन्न हुई भैरवनाथ पूजन में पूर्व कैबिनेट मंत्री अमृता रावत ने शामिल होकर विश्व समृद्धि की कामना की! सोमवार को भगवान केदारनाथ के शीतकालीन गद्दी स्थल ओकारेश्वर मन्दिर में ब्रह्मा बेला पर विद्धान आचार्यों ने पंचाग पूजन के तहत अनेक पूजाये समपन्न कर भगवान केदारनाथ का आवाहन कर विश्व शान्ति व समृद्धि की कामना की। ठीक 8 बजे भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली का विशेष श्रृंगार किया गया तथा ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रोच्चारण से आगामी 10 मई से शुरू होने वाली केदारनाथ यात्रा के निर्विघ्नं सम्पन्न होने की कामना की। रावल भीमाशंकर लिंग ने केदारनाथ धाम के प्रधान पुजारी शिव शंकर लिंग को पगड़ी व अचकन पहनाकर छ: माह केदारनाथ धाम में विधि – विधान से पूजा – अर्चना तथा प्रवास करने का संकल्प दिया। ठीक दस बजे भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली शीतकालीन गद्दी स्थल ओकारेश्वर मन्दिर से कैलाश के लिए रवाना हुई तो श्रद्धालुओं की जयकारों से क्षेत्र का वातावरण गुजायमान हो उठा, तथा सैकड़ों भक्त आर्मी की बैण्ड धुनों पर नृत्य करने लगे। इस मौके पर राज्य मंत्री चण्डी प्रसाद भटट्, भाजपा जिलाध्यक्ष महावीर पंवार, मन्दिर समिति सदस्य श्रीनिवास पोस्ती, जिलाधिकारी सौरभ गहरवार , उप जिलाधिकारी अनिल कुमार शुक्ला मन्दिर समिति सदस्य श्रीनिवास पोस्ती, केदार सभा अध्यक्ष राजकुमार तिवारी, निवर्तमान नगर पंचायत अध्यक्ष विजय राण , सामाजिक कार्यकर्ता आनन्द सिंह रावत, गुरिल्ला संगठन जिलाध्यक्ष बसन्ती रावत, प्रधान संगठन ब्लॉक अध्यक्ष सुभाष रावत, पूर्व प्रमुख लक्ष्मी प्रसाद भटट्, राजेन्द्र भण्डारी, कार्यधिकारी आर सी तिवारी, राजकुमार नौटियाल, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी यदुवीर पुष्वाण, रमेश नेगी, प्रकाश पुरोहित, बागेश लिंग, टी गंगाधर लिंग , यशोधर मैठाणी, डा0 अंजनेश पंवार, विश्व मोहन जमलोकी, नवीन मैठाणी, देवी प्रसाद तिवारी सहित जनप्रतिनिधि, उपस्थित रहे।
वहीं विभिन्न पड़ावों से होते हुए बाबा की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली अपने प्रथम रात्रि पड़ाव के लिए काशी विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी पहुंची। जहां सैकड़ों की संख्या में मौजूद भक्तों ने फूल मालाओं से डोली का भव्य स्वागत किया। 7 मई को प्रात पूजा अर्चना के बाद बाबा की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली द्वितीय फाटा पहुंचेगी तथा 8 मई को गौरीकुंड, 9 मई को केदारनाथ तथा 10 मई को प्रात: ब्रह्मुहूर्त पर कपाट भक्तों के दर्शनार्थ खुलेंगे।

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