सिलक्यारा सुरंग किसी भी क्षण बाहर आ सकते हैं मजदूर

सिलक्यारा सुरंग किसी भी क्षण बाहर आ सकते हैं मजदूर
उत्तरकाशी। सिलक्यारा सुरंग के भीतर फंसे मजदूरों के बाहर निकलने का सभी को इंतजार बना हुआ है। रेस्क्यू कार्य लगातार जारी है, इंतजार किसी भी क्षण खत्म हो सकता है। छोटी सी बाधा आ जाने से इंतजार का समय और बढ़ गया है। बताया जा रहा है कि 800 एमएम व्यास के ह्यूम पाइप्स मजदूरों तक पहुंचने के बेहद करीब थे, लेकिन मलबे में मोटी सरिया के ऑगर मशीन कटर पर अटकने से पुर्जे ही टूट गए हैं। ऐसे में अंदर टेक्निकल दिक्कतों को दूर करने के लिए दिल्ली से हेली की मदद लेकर एक्सपर्ट बुलाने पड़े और एनडीआरएफ, एसडीआरडीएफ सहित टीएचडीसी के इंजीनियरों की भी मदद ली गई।
गुरूवार को दोपहर में रेस्क्यू कार्य फिर शुरु हुआ और उम्मीद जताई जा रही थी कि देर शाम या शुक्रवार तक सभी बाहर आ जाएंगे, लेकिन फिलहाल सुरंग के अंदर से रेस्क्यू कार्य को लेकर कोई खुशी की खबर सामने नहीं आई है। हालांकि, अधिकारियों और विशेषज्ञों का दावा है कि फिर से छोटी बाधाएं नहीं आती है, तो मजदूरों की निकासी किसी भी पल संभव होगी। इसी पल के इंतजार में सीएम पुष्कर सिंह धामी मातली में कैंप बनाकर डेरा जमाए हुए हैं। साथ ही केंद्रीय सड़क परिवहन राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह भी बीते रोज से इसी क्षेत्र में जमे हैं।
पत्रकारों को जानकारी देते हुए रेस्क्यू नोडल अफसर व उत्तराखंड शासन के सचिव डॉ नीरज खैरवाल ने बताया कि 45 मीटर तक ह्यूम पाइप पुश किए जाने के बाद बाधा उत्पन्न हो गई थी और रेस्क्यू निरंतर जारी है। हालांकि इसके बाद से कोई आधिकारिक बयान अब तक रेस्क्यू को लेकर सामने नहीं आया है। देखा जाए तो मजदूरों की चिंता इस वक्त परिजनों ही नहीं, बल्कि देश और दुनिया को भी है। यही वजह है कि यहां विदेशी मीडिया भी डेरा डालकर सुरंग में चल रहे रेस्क्यू के पल पल की अपडेट ले रहा है।



