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तुंगनाथ घाटी के व्यापारियों ने अतिक्रमण हटाने के विरोध में किया जोरदार प्रदर्शन, चोपता व्यापार मंडल द्वारा तीन दिवसीय धरना प्रदर्शन शुरू

तुंगनाथ घाटी के व्यापारियों ने अतिक्रमण हटाने के विरोध में किया जोरदार प्रदर्शन, चोपता व्यापार मंडल द्वारा तीन दिवसीय धरना प्रदर्शन शुरू
रिपोर्ट : लक्ष्मण नेगी
ऊखीमठ। राष्ट्रीय राजमार्ग के अंतर्गत न्यायालय के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही किए जाने के विरोध में चोपता व्यापार मण्डल नगर इकाई के तत्वावधान में मक्कू बेंड से चोपता तक के व्यापारियों ने मक्कू बैंड में प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन कर अपने गुस्से का इजहार करते हुए कहा कि यदि स्थानीय प्रशासन न्यायालय के आदेश के अनुसार स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए पर्यटन व रोजगार नीति नहीं बनाता है तो व्यापारियों को अपने हकों को पाने के लिए उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत मक्कूबैंड से चोपता तक के व्यापारी मक्कूबैंड में एकत्रित हुए तथा विगत दिनों 23 अगस्त को न्यायालय के निर्देश पर स्थानीय प्रशासन द्वारा एनएच पर अतिक्रमण हटाने को समिति गठित किए जाने से आक्रोशित व्यापारियों ने प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारी एक सभा में तब्दील हुए तथा प्रदर्शनकारियों को सम्बोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि स्थानीय व्यापारी युगों से तुंगनाथ घाटी के विभिन्न पड़ावों पर पौराणिक हकहकूकों के अनुसार अपना व्यवसाय कर रहे हैं मगर प्रदेश सरकार के निर्देशन पर स्थानीय प्रशासन द्वारा समय- समय पर व्यापारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है । वक्ताओं ने कहा कि चारधाम यात्रा के सभी मुख्य पैदल पड़ावों पर युगों से स्थानीय लोग छोटे ढाबों का संचालन करते आ रहे हैं,मगर आज जिला प्रशासन व्यवसायियों से रोजगार छीनने का प्रयास कर रहा है। वक्ताओं ने कहा कि कोरोना संक्रमण के बाद कई स्थानीय युवाओं का रोजगार छीन गया तथा वे युवा इन यात्रा पड़ावों पर छोटे मोटे ढाबों का संचालन कर अपनी आजीविका चला रहे हैं मगर जिला प्रशासन स्थानीय युवाओं की रोजी रोटी के साथ खिलवाड़ कर रहा है। वक्ताओं ने कहा कि स्थानीय व्यापारियों द्वारा वन अधिकार अधिनियम 2006 को लागू करने की मांग लम्बे समय से की जा रही है मगर आज तक प्रदेश सरकार इस अधिनियम को लागू करने में विफल रही है! वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में तुंगनाथ घाटी पर्यटन मानचित्र में जगह बना पायी है तथा तुंगनाथ घाटी के चहुंमुखी विकास में केन्द्र व प्रदेश सरकारों को किसी प्रकार का योगदान नहीं रहा है स्थानीय व्यापारियों, जनप्रतिनिधियों, तीर्थ पुरोहित समाज व ग्रामीणों के अथक प्रयासों से तुंगनाथ घाटी के तीर्थाटन, पर्यटन व्यवसाय में निरन्तर इजाफा हो रहा है तथा प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन व वन विभाग स्थानीय युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की साजिश रच रहा है। वक्ताओं ने कहा कि आगामी 5 सितम्बर तक आन्दोलन जारी रहेगा तथा आवश्यकता पडी़ तो व्यापारी विधान सभा कूच के लिए बाध्य हो जायेगें । इस मौके पर उद्योग व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष अंकुर खन्ना,चोपता व्यापार मंडल अध्यक्ष भूपेंद्र मैठाणी,उपाध्यक्ष यशपाल नेगी,सतीश मैठाणी,मीना पुंडीर,योगेंद्र नेगी, दलवीर नेगी,नन्दन सिंह रावत, चन्द्रमोहन सेमवाल प्रदीप बजवाल,विजय चौहान,कुँवर सिंह राणा,विनोद नेगी,प्रमोद रावत,मदन चौहान, सुमन चौहान, आशीष रावत,उमेद राणा,राजेन्द्र नेगी,आशीष रावत,उमेद राणा, राजेन्द्र नेगी, कैलाश पुष्वाण, दिनेश बजवाल, मोहन प्रसाद मैठाणी, विनोद नेगी, सतवीर चौहान, आशीष मैठाणी सहित विभिन्न यात्रा पड़ावों के व्यापारी उपस्थित थे।

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