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विकास के नाम पर रुद्रप्रयाग जनपद का मरोड़ा गांव अब होगा खण्डर में तब्दील, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन टनल निर्माण से मरोड़ा गांव हुआ बुरी तरह प्रभावित

उत्तराखण्ड के रुद्रप्रयाग जनपद का मरोड़ा गांव अब खण्डर में होगा तब्दील
टनल निर्माण से प्रभावित मरोड़ा गांव के 70 परिवारों का होगा विस्थापन
विस्थापन को लेकर प्रशासन को मिली 21 करोड़ की धनराशि
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन टनल निर्माण से रुद्रप्रयाग जनपद का मरोड़ा गांव हुआ बुरी तरह प्रभावित
रुद्रप्रयाग। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना से रुद्रप्रयाग जनपद का मरोड़ा गांव बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। जहां गांव के कई घरों में दरारे पड़ चुकी हैं, वहीं कई घर जमीदोज हो चुके हैं। स्थिति यह है कि गांव रहने लायक नहीं बचा हुआ है। जिन पीड़ित परिवारों को मुआवजा मिला, वह तो गांव को छोड़कर चले गये हैं, लेकिन जिनको मुआवजा नहीं मिला, वह परिवार आज भी टूटे फूटे घरों में निवास कर रहे हैं। हालांकि गांव के पीड़ित सभी 70 परिवारों को विस्थापन के लिये प्रशासन ने 21 करोड़ जारी कर दिये हैं। जल्द ही इन पीड़ितों को मुआवजा राशि वितरित की जायेगी।
रुद्रप्रयाग जिला मुख्यालय से लगभग 17 किमी दूर स्थित मरोड़ा गांव ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन टनल निर्माण के चलते बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। गांव सहित आस-पास के क्षेत्रों में लगभग 70 परिवार निवास करते हैं। गांव के घरों में टनल निर्माण से पहले तो दरारें पड़ी और बाद में दरारों ने विकराल रूप ले लिया और घर टूटने लग गये। जिन प्रभावित परिवारों को सरकार की ओर से मुआवजा मिला वह तो गांव से निकल गये, लेकिन जिन परिवारों को मुआवजा नहीं मिला वह टूटे-फूटे घरों में ही रहने लगे। हालांकि रेल लाइन टनल का निर्माण कर रही कार्यदायी संस्था की ओर से पीड़ित परिवारों के लिये टिनशेड़ बनाये गये, लेकिन टिनशेड़ों में कोई सुविधा नहीं दी गई। जिस कारण ग्रामीण टूटे घरों में ही रहे। हालांकि पीड़ित 70 परिवारों के विस्थापन के लिये सरकार ने कोई जगह चिन्हित नहीं की है। विस्थापन के नाम पर पीड़ितों को मुआवजा राशि वितरित की जा रही है और इसके बाद ग्रामीणों को गांव खाली करने के निर्देश दिये जा रहे हैं। 70 परिवारों को लगभग 21 करोड़ की धनराशि मुआवजे के तौर पर दी जा रही है। पीड़ित ग्रामीण मुआवजे को लेकर सरकार और प्रशासन पर लगातार दबाव बना रहे थे। आखिरकार अब ग्रामीणों की मुआवजे की मांग पूरी हो रही है। आबादी से भरा रहने वाला गांव अब खण्डर में तब्दील होने जा रहा है।
गांव में रहने वाले सभी परिवारों को मुआवजे के तौर पर पैंसे बांटे जाएंगे। इसके लिए रेलवे की ओर से प्रशासन को 21 करोड़ रुपए दिए गए हैं, जो प्रभावित परिवारों को वर्तमान सर्किल रेट से बढ़े हुए मुआवजे के रूप में वितरित किया जाएगा। वर्तमान समय में अन्यत्र रह रहे करीब 27 परिवारों को किराये की राशि दी जा रही है, जबकि 10 से 12 परिवारों के लिए टिनशेड बनाए गए हैं। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि रेलवे टनल निर्माण से मरोडा गांव को भारी नुकसान हुआ है। अब मरोड़ा गांव के 70 परिवारों के विस्थापन को लेकर रेलवे ने जिला प्रशासन को धनराशि दे दी है, जिसे जल्द ही प्रभावितों को बांटा जाएगा।

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