
लक्ष्मण सिंह नेगी।
ओंकारेश्वर मंदिर में स्थायी नियुक्ति सहित पांच सूत्रीय मांगों को लेकर चल रही थी भूख-हड़ताल ।
ऊखीमठ। बद्री-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) में वर्षों से अपने परम्परागत दायित्वों का निर्वहन कर रहे हक-हकूकधारी बाजीगर समाज की ओर से स्थायी नियुक्ति सहित पांच सूत्रीय मांगों को लेकर ओंकारेश्वर मंदिर में चल रहा आंदोलन आखिरकार समाप्त हो गया। बद्री-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमन्त द्विवेदी के आश्वासन के बाद आंदोलनकारियों ने अपनी भूख-हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की। बीकेटीसी अध्यक्ष स्वयं ओंकारेश्वर मंदिर पहुंचे और आंदोलनकारियों को जूस पिलाकर अनशन समाप्त करवाया।
बता दें कि हक-हकूकधारी बाजीगर समाज के लोग लंबे समय से बद्री-केदार मंदिर समिति के अंतर्गत विभिन्न धार्मिक एवं पारम्परिक व्यवस्थाओं में अपनी सेवाएं देते आ रहे हैं। समाज की ओर से स्थायी नियुक्ति सहित पांच सूत्रीय मांगों को लेकर शासन-प्रशासन तथा मंदिर समिति के समक्ष कई बार अपनी मांगें रखी गईं, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर समाज के लोगों ने आंदोलन का रास्ता अपनाया था। आंदोलनकारियों ने ओंकारेश्वर मंदिर परिसर में भूख-हड़ताल शुरू कर अपनी मांगों के समाधान की मांग उठाई थी। भूख-हड़ताल के दौरान आंदोलनकारियों ने कहा कि हक-हकूकधारी बाजीगर समाज का बद्री-केदार मंदिरों की परम्पराओं और धार्मिक व्यवस्थाओं से पुराना संबंध रहा है। इसके बावजूद उन्हें स्थायी नियुक्ति सहित अन्य अधिकारों का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने मंदिर समिति से वर्षों से दी जा रही सेवाओं को देखते हुए उनके भविष्य को सुरक्षित करने तथा लंबित मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की।
आंदोलन की जानकारी मिलने के बाद बद्री-केदार मंदिर समिति अध्यक्ष हेमन्त द्विवेदी ओंकारेश्वर मंदिर पहुंचे। उन्होंने आंदोलनकारियों से वार्ता कर उनकी मांगों को गंभीरता से सुना तथा मांगों के समाधान के लिए सकारात्मक पहल किए जाने का आश्वासन दिया। अध्यक्ष के आश्वासन के बाद आंदोलनकारियों ने आंदोलन समाप्त करने पर सहमति जताई।
इस अवसर पर बीकेटीसी अध्यक्ष हेमन्त द्विवेदी ने आंदोलनकारियों को जूस पिलाकर भूख-हड़ताल समाप्त करवाई। उन्होंने कहा कि हक-हकूकधारी बाजीगर समाज की मांगों पर नियमानुसार गंभीरता से विचार किया जाएगा और उनके हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल, मन्दिर समिति उपाध्यक्ष विजय कप्रवाण, राज्य मंत्री चण्डी प्रसाद भट्ट, मन्दिर समिति सदस्य प्रह्लाद पुष्वाण, व्यापार संघ अध्यक्ष राजीव भट्ट सहित बाजीगर समाज के लोग व ग्रामीण मौजूद थे।



