उत्तराखंडफटाफट ख़बरेंरुद्रप्रयाग

मानसून की शुरूआत में ही धंसने लगी राजमार्ग पर सुरक्षा दीवार, रामपुर बाजार के समीप भू धंसाव जोन पर धंसी मिट्टी, क्रेट वायर ढही

फाटा। रूद्रप्रयाग – गौरीकुंड राजमार्ग पर रामपुर बाजार के समीप स्थित भू धंसाव जोन पहली ही बरसात में धंसने लगा है। जिसे लेकर ग्रामीणों एवं व्यापारियों में कार्यदाई संस्था एवं राजमार्ग विभाग के अधिकारियों को लेकर नाराजगी बनी हुई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार , विगत दो वर्षों से अधिक समय से रामपुर बाजार के समीप स्थित भू धंसाव जोन पर करोड़ों की लागत से सुरक्षा दीवार का कार्य किया गया। जिसमें पहली ही बरसात में मिट्टी धंसने से क्रेट वायर ढह गई। उस दौरान सड़क किनारे वाहन खड़े थे, गनीमत रही कि वाहनों के पहिए मिट्टी में धंसे जिन्हें समय रहते निकाल दिया गया।
ग्रामीणों ने कार्यदाई संस्था ओर एन एच विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि विगत दो से अधिक वर्षों यहां पर सुरक्षा कार्य चल रहा है एक वर्ष नदी किनारे सुरक्षा दीवार लगाई गई थी जो एक साल भी बरसात नहीं झेल पाई ,वहीं मार्च – अप्रैल माह में सुरक्षा दीवार का कार्य किया गया था, जो कि बरसात के शुरुवात में ही ढह गया जबकि अभी बरसात का सीजन शुरू ही नहीं हुआ है। इस प्रकार कार्यशैली को लेकर ग्रामीणों एवं व्यापारियों में आक्रोश बना हुआ है।
पूर्व ग्राम प्रधान न्यालसू प्रमोद सिंह रावत ने बताया कि प्रदेश सरकार सुरक्षा कार्यों को लेकर धन की स्वीकृति तो करती हैं परन्तु एन एच विभाग ओर कार्य दाई संस्था की लापरवाही के कारण इस प्रकार स्थानीय लोगों के साथ यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ती है। उन्होंने बताया कि सुरक्षा कार्य को अभी दो माह भी नहीं हुआ है , परन्तु पहली ही बारिश में क्रेट वायर ढह गई तिथि सड़क किनारे मिट्टी पूरी धंस गई है,जिसका असर धीरे धीरे मुख्य राजमार्ग तक दिखने लगा है। समय रहते इसका ट्रीटमेंट किया जाय।
स्थानीय व्यवसाय संदीप सिंह रावत ने बताया कि विगत कुछ समय पूर्व नदी किनारे भी सुरक्षा दीवार लगाई गई थी जो कि एक बरसात भी नहीं झेल पाई। वहीं मार्च अप्रैल माह में किया गया कार्य जून के प्रथम सप्ताह में हुई बारिश में ढह गया। उन्होंने कार्यदाई संस्था की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए हैं ।

उधर, एनएच विभाग के अधिशासी अभियंता ओंकार पांडे ने बताया कि क्षतिग्रस्त हिस्से का निरीक्षण कर आवश्यक उपचार एवं मरम्मत कार्य के निर्देश दे दिए गए हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!