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केदारनाथ पैदल मार्ग पर गुंडागर्दी पड़ी भारी, 3 घोड़ा-खच्चर संचालकों के विरुद्ध शान्ति भंग के तहत  कार्यवाही,

वीडियो के आधार पर चिन्हीकरण की कार्यवाही करते हुए मारपीट की घटना में शामिल 3 घोड़ा-खच्चर संचालकों के विरुद्ध शान्ति भंग के तहत की गयी कार्यवाही, सभी को मा0 न्यायालय के समक्ष किया जा रहा पेश।

निकट भविष्य में ये केदारनाथ यात्रा पर अश्वों का संचालन न कर सकें, इनके अश्व संचालन विषयक लाइसेन्स के निरस्तीकरण की रिपोर्ट की गयी है प्रेषित।

रूद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग पर गत दिवस एक वायरल वीडियो संज्ञान में आया जिसमें  केदारनाथ पैदल मार्ग पर कुछ घोड़ा-खच्चर संचालक आपस में लाठी डण्डों से एक दूसरे के साथ मारपीट करने पर उतारू हो रखे हैं।

एसपी रुद्रप्रयाग ने इस वायरल हो रहे वीडियो में दिख रहे व्यक्तियों की तस्दीक करने तथा आवश्यक विधिक कार्यवाही किये जाने हेतु प्रभारी निरीक्षक कोतवाली सोनप्रयाग सहित पैदल यात्रा मार्ग पर अवस्थित चौकी प्रभारियों को निर्देशित किया गया। निर्गत निर्देशों के क्रम में चौकी प्रभारी गौरीकुण्ड द्वारा अथक प्रयासों से पूछताछ इत्यादि करके गौरीकुण्ड घोड़ा पड़ाव क्षेत्रान्तर्गत से 3 युवकों को राकेश कुमार पुत्र हरिराम निवासी ग्राम घूनी थाना घाट जिला चमोली, मनीष कुमार पुत्र रमेश राम निवासी पिथौरागढ़ तथा विजय कुमार पुत्र रघुवीर लाल, निवासी बड़ेथ, जिला रुद्रप्रयाग को हिरासत में लेकर आवश्यक पूछताछ की गयी। जिनके द्वारा पूछताछ में स्वीकार किया गया कि इनके घोड़े आपस में टकरा गए थे, जिस कारण इनमें आपस में विवाद हो गया था और इनके द्वारा आपस में मारपीट कर ली गयी थी। इनके द्वारा किये गये इस प्रकार के कृत्य से प्रचलित यात्रा व्यवस्था के दौरान आवगमन कर रहे यात्रियों में भय व्याप्त हुआ तथा इनके द्वारा शान्ति भंग की गयी। चौकी गौरीकुण्ड पुलिस द्वारा इन सभी के विरुद्ध धारा 170 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (शान्ति भंग) के तहत कार्यवाही कर सक्षम न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है। साथ ही इन सभी के अश्व संचालन करने सम्बन्धी लाईसेन्स निरस्तीकरण की कार्यवाही की रिपोर्ट सम्बन्धित विभाग को प्रेषित की गयी है।

रुद्रप्रयाग पुलिस के स्तर से केदारनाथ धाम यात्रा के दौरान अराजकता फैलाने वालों पर सख्त कार्यवाही जारी है। केदारनाथ यात्रा अवधि में किसी भी प्रकार का रोजगार, व्यवसाय करने वालों से अपील है कि अपने रोजगार, व्यवसाय के दौरान किसी भी प्रकार का ऐसा कृत्य न करें, जिससे आपको किसी कानूनी कार्यवाही का सामना न करना पड़े।

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