गुमशुदगी के प्रकरणों में संवेदनशीलता के साथ कार्यवाही कर गुमशुदाओं की सकुशल बरामदगी सुनिश्चित करें : एसपी
साइबर अपराधों की समीक्षा करते हुए त्वरित कार्यवाही करने हेतु किया निर्देशित

पुलिस अधीक्षक, रुद्रप्रयाग द्वारा अधीनस्थ कार्मिकों का लिया गया मासिक सम्मेलन।
धोखाधड़ी एवं ठगी के मामलों को अनावश्यक रूप से लम्बित न रखे
ड्रग्स फ्री देवभूमि के उद्देश्य से नशे के कारोबार पर सतर्क दृष्टि रखते हुए प्रभावी कार्यवाही हेतु किया निर्देशित।
रुद्रप्रयाग। जनपद पुलिस कार्मिकों का मासिक सम्मेलन एवं अपराध समीक्षा गोष्ठी का एसपी रुद्रप्रयाग डॉ विशाखा अशोक भदाणे के नेतृत्व में आयोजन किया गया। सम्मेलन में उपस्थित कार्मिकों की समस्याओं का यथोचित निस्तारण किये जाने का आश्वासन दिया गया। एसपी द्वारा लम्बित अभियोगों की थानावार समीक्षा करते हुए समय से विवेचनाओं का निस्तारण किये जाने हेतु निर्देशित किया गया। गुमशुदगी के प्रकरणों में स्पष्ट तौर पर निर्देशित किया गया कि, ऐसे प्रकरणों में संवेदनशीलता के साथ विवेचनात्मक कार्यवाही कर गुमशुदाओं की सकुशल बरामदगी सुनिश्चित करायी जाये तथा इस हेतु एसओजी/साइबर सैल का भी सहयोग लिया जाये।
धोखाधड़ी एवं ठगी के मामलों को अनावश्यक रूप से लम्बित न रखे जाने हेतु निर्देशित किया गया।
साइबर सम्बन्धी अपराधों की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया गया कि इस प्रकार की शिकायतों में समय बहुत कीमती होता है, ऐसी शिकायतों में तुरन्त आवश्यक कार्यवाही करते हुए ठगी के शिकार हुए व्यक्तियों की मदद की जाये। इस सम्बन्ध में सम्बन्धित प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि तत्काल जिस भी विवरण की आवश्यकता है, ऐसे में साइबर सैल से समन्वय स्थापित कर लिया जाये। साइबर अपराधों पर लगाम लगाये जाने हेतु अधिक से अधिक जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किये जायें।
राजस्व क्षेत्र से प्राप्त लम्बित विवेचनाओं का भी तत्काल गुणवत्तापूर्वक विधिक निस्तारण कराये जाने हेतु निर्देशित किया गया। हाल के समय में मुख्यालय स्तर से जारी दिशा-निर्देशों से उपस्थित सभी प्रभारियों को अवगत कराया गया।
मानव तस्करी जैसे संगीन प्रकरणों को किसी भी दशा में हल्के में न लेने हेतु सभी प्रभारियों को निर्देशित किया गया। निर्देशित किया गया कि दूर दराज के आम जनमानस में लोगों में इस प्रकार के अपराधों में जागरूकता लायी जाये।
एसओजी को सक्रियता बढ़ाये जाने एवं सूचना तंत्र प्रभावी बनाये जाने हेतु निर्देशित किया गया। ड्रग्स फ्री देवभूमि बनाये जाने के उद्देश्य से नशे के कारोबार पर सतर्क दृष्टि रखते हुए प्रभावी कार्यवाही किये जाने हेतु निर्देशित किया गया।
जनपद की यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ कराये जाने हेतु नियुक्त किये जाने वाले कार्मिकों को कार्यक्षेत्र बांटा जाये। सभी कार्मिक एक ही स्थान पर ड्यूटीरत न रहें, अपितु निर्धारित दूरी पर नियुक्त रहते हुए अपने-अपने कार्यक्षेत्र की यातायात व्यवस्था को सुचारु करेंगे। मुख्य बाजार के अतिरिक्त लिंक मार्गों पर ओवर लोडिंग से सम्बन्धी वाहनों की नियमित चेकिंग की जाय।
नाबालिक स्कूली बच्चों द्वारा वाहन का संचालन किये जाने के सम्बन्ध में स्कूल अवधि में चेकिंग कर स्कूली बच्चों व उनके परिजनों को नाबालिग बच्चों के वाहन संचालन के सम्बन्ध में हतोत्साहित किया जाये तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर आवश्यक कार्यवाही की जाये।
उपस्थित सभी प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि, उत्तराखण्ड पुलिस एप का व्यापक प्रचार प्रसार किया जाये, कामकाजी महिलाओं, स्कूली छात्राओं इस एप को डाउनलोड कराकर गौरा शक्ति एप में अधिक से अधिक पंजीकरण कराया जाये। लोगों में इस एप की विशेषताओं को बताया जाये। लोगों में जागरुकता लायी जाये कि वे भी पुलिस की भांति इस एप के अन्दर संचालित उत्तराखण्ड ट्रैफिक आइज के माध्यम से यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों का चालान कर सकते हैं। इसी प्रकार से ई-एफआईआर एवं अन्य फीचरों के बारे में भी जनजागरुकता लायी जाये।
जनपदीय पुलिस सहित जनपद में ड्यूटीरत एसडीआरएफ, पीएसी, जल पुलिस एवं अन्य सहयोगी फोस के साथ उचित समन्वय स्थापित किया जाये।
इस अवसर पर पुलिस उपाधीक्षक ऑपरेशन्स हर्षवर्द्धनी सुमन, पुलिस उपाधीक्षक गुप्तकाशी विमल रावत, ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी रुद्रप्रयाग गुलाब सिंह, प्रतिसार निरीक्षक पुलिस लाइन गणेश लाल, प्रभारी डीसीआरबी सदानन्द पोखरियाल, प्रभारी एसओजी मनोज नेगी, निरीक्षक स्थानीय अभिसूचना इकाई मनोज सिंह बिष्ट, निरीक्षक पुलिस दूरसंचार अनुराधा डबराल, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली रुद्रप्रयाग जयपाल सिंह नेगी, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली सोनप्रयाग सुरेश चन्द्र बलूनी, थाना प्रभारी अगस्त्यमुनि योगेन्द्र सिंह गुसाई, थाना प्रभारी गुप्तकाशी अजय कुमार, थानाध्यक्ष ऊखीमठ राजीव चौहान, प्रभारी एसडीआरएफ निरीक्षक कर्ण सिंह सहित अन्य चौकी प्रभारी एवं पुलिसकर्मी उपस्थित रहे।



