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जनता की समस्याओं एवं शिकायतों का त्वरित हो निस्तारण : जिलाधिकारी

वन व राजस्व भूमि पर अतिक्रमण करने पर व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही करने के दिए निर्देश।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कलैक्ट्रेट सभागार में उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, कानूनगो एवं राजस्व उपनिरीक्षकों के साथ किया संवाद।
सभी राजस्व उपनिरीक्षकों को उनके स्तर से जो भी कार्य किए जा रहे हैं उन कार्यों का निर्वहन गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ करने के दिए निर्देश।

रुद्रप्रयाग।  जनपद के अंतिम छोर में निवासरत व्यक्तियों को केंद्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न विकास योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने तथा तहसील स्तर से जारी होने वाले प्रमाण-पत्रों एवं आम जनता की समस्याओं एवं शिकायतों का त्वरित निस्तारण हेतु जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने आज कलैक्ट्रेट सभागार में उप जिलाधिकारियों, तहसीलदारों, कानूनगो एवं राजस्व उपनिरीक्षकों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया तथा तहसील स्तर से किए जा रहे कार्यों की जानकारी प्राप्त की।
जनपद में संचालित योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के व्यक्ति को उपलब्ध हो इसके लिए जिलाधिकारी गंभीरता से कार्य करते हुए निरंतर ब्लाॅक एवं तहसील स्तर पर कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ योजनाओं के सफल क्रियान्वयन एवं प्राप्त शिकायतों के त्वरित निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित कर अधिकारियों से योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की जा रही है।
संवाद कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने सभी राजस्व उपनिरीक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि उनके स्तर से जो भी कार्य किए जा रहे हैं उन कार्यों का निर्वहन गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ करें। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्रवासियों एवं जन प्रतिनिधियों द्वारा अकसर शिकायतें प्राप्त हो रही हैं कि क्षेत्र में तैनात राजस्व उपनिरीक्षकों द्वारा अपने दायित्वों का निर्वहन ठीक ढंग से नहीं किया जा रहा है जिस पर उन्होंने सभी राजस्व उपनिरीक्षकों को कड़ी चेतावनी देते हुए अपनी कार्यशैली में बदलाव लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी को सचेत करते हुए कहा कि यदि भविष्य में किसी भी अधिकारी एवं कर्मचारी की शिकायत प्राप्त होती है तो उसके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी की होगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए हैं कि उनके स्तर से जारी होने वाले आय प्रमाण-पत्रों को गंभीरता से देखें एवं जांच के उपरांत ही संबंधित व्यक्ति की वास्तविक आय अंकित कर आय प्रमाण-पत्र जारी किया जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी दशा में गलत आय प्रमाण-पत्र निर्गत न किया जाए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि जनपद में आपदा के कारण जिन विभागों की जो भी योजनाएं क्षतिग्रस्त होती हैं उन योजनाओं का धरातल पर वास्तविक आंकलन किया जाए तथा नियमानुसार आंकलन प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए हैं कि कार्य के शुरू होने एवं पूर्ण होने एवं उसकी गुणवत्ता के संबंध में स्पष्ट आख्या उपलब्ध कराई जाए किसी भी दशा में कोई गलत सूचना एवं रिपोर्ट उपलब्ध न कराई जाए। गलत जानकारी उपलब्ध कराए जाने की स्थिति में संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि वन भूमि व राजस्व भूमि पर किसी व्यक्ति द्वारा अतिक्रमण किया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही करते हुए ऐसे व्यक्तियों को नोटिस निर्गत करते हुए उनके विरुद्ध वाद भी दायर करने के निर्देश दिए।
उन्होंने यह भी कहा कि तहसील स्तर पर जो पटवारी चैकियां क्षतिग्रस्त हैं तथा जिनका मरम्मत कार्य किया जाना है उनका तत्काल मरम्मत कार्य हेतु आंकलन प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश दिए ताकि उसके लिए धनराशि निर्गत कराई जा सके। उन्होंने सभी राजस्व उपनिरीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर खतौनी को संबंधित ग्रामीणों के समक्ष पढ़ा जाए तथा विरासतन दर्ज कराई जाए।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी दीपेंद्र सिंह नेगी, उप जिलाधिकारी जखोली परमानंद राम, ऊखीमठ जितेंद्र वर्मा, तहसीलदार रुद्रप्रयाग मंजू राजपूत, जखोली बलवीर लाल शाह, बसुकेदार राम किशोर ध्यानी सहित कानूनगो एवं राजस्व उपनिरीक्षक मौजूद  रहे।

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