भगवान तुंगनाथ के कपाट शीतकाल के लिए हुए बंद

लक्ष्मण सिंह नेगी
ऊखीमठ। तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ के कपाट गुरुवार को शुभलग्नानुसार 11:30 बजे विधि – विधान, वेद ऋचाओं, मांगल गीतों व स्थानीय वाद्य यंत्रों की थाप पर शीतकाल के लिए बन्द कर दिये गये है। कपाट बन्द होने के बाद भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली कैलाश से रवाना होकर सुरम्य मखमली बुग्यालों में नृत्य करते हुए प्रथम रात्रि प्रवास के लिए चोपता पहुंच गयीं है। उत्सव डोली 8 नवम्बर को शीतकालीन गद्दी स्थल मक्कूमठ में विराजमान होगी।
भगवान तुंगनाथ के कपाट बन्द होने के पावन अवसर पर पांच सौ से अधिक तीर्थ यात्रियों ने दर्शन कर पुण्य अर्जित किया तथा पूरे यात्रा काल में 1 लाख 51 हजार 131 तीर्थ यात्रियों ने तुंगनाथ धाम में पूजा – अर्चना कर विश्व समृद्धि की कामना की।
गुरूवार को ब्रह्म बेला पर विद्वान आचार्यों द्वारा भगवान तुंगनाथ का महाभिषेक कर आरती उतारी मठापति राम प्रसाद की मौजूदगी में विद्वान आचार्यों द्वारा भगवान तुंगनाथ के स्वयं भू लिंग को ब्रह्म कमल, भस्म, चन्दन, पुष्प अक्षत्र सहित विभिन्न पूजा सामाग्रियो से समाधि दी गयी तथा भगवान तुंगनाथ जगत कल्याण के लिए तपस्यारत हो गये। कपाट बन्द होने के बाद भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली ने मुख्य मन्दिर सहित सहायक मन्दिरों की परिक्रमा की तथा कैलाश से शीतकालीन गद्दी स्थल मक्कूमठ के लिए रवाना होकर प्रथम रात्रि प्रवास के लिए चोपता पहुंच गयीं है। भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली के चोपता पहुंचने पर देश – विदेश के तीर्थ यात्रियो ,स्थानीय व्यापारियों, जीप टैक्सी यूनियन व घोड़े खच्चर संचालकों द्वारा भव्य स्वागत किया गया। शुक्रवार को भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली विभिन्न यात्रा पड़ावों पर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देते हुए अन्तिम रात्रि प्रवास के लिए भनकुण्ड पहुंचेगी तथा 8 नवम्बर को भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली शीतकालीन गद्दी स्थल मक्कूमठ में विराजमान होगी व 9 नवम्बर से भगवान तुंगनाथ की शीतकालीन पूजा विधिवत शुरू होगी। मन्दिर समिति उपाध्यक्ष विजय कप्रवाण, सदस्य श्रीनिवास पोस्ती ने बताया कि इस बार तुंगनाथ धाम में डेढ लाख से अधिक तीर्थ यात्रियों के पहुंचने से नया कीर्तिमान स्थापित हुआ है तथा मन्दिर समिति की आय में भी वृद्धि हुई है। इस मौके पर मन्दिर समिति मुख्य कार्यधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी यदुवीर पुष्वाण, डोली प्रभारी प्रकाश पुरोहित, प्रबंधक बलवीर नेगी, नितिन पोस्ती , प्रह्लाद पुष्वाण, अतुल मैठाणी , अजय मैठाणी , मुकेश मैठाणी, विजय मैठाणी , प्रकाश मैठाणी , चन्दमोहन बजवाल, आनन्द सिंह, अरविन्द सिंह सहित मन्दिर समिति के अधिकारी, कर्मचारी, हक – हकूकधारी सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद थे।



