ग्रामीणों के सहयोग से गौण्डार – बनातोली के मध्य भू स्खलन प्रभावित क्षेत्र में फंसे तीर्थयात्रियों का किया गया सुरक्षित रेस्क्यू

लक्ष्मण सिंह नेगी
ऊखीमठ। द्वितीय केदार भगवान मदमहेश्वर के आधार शिविर गौण्डार – बनातोली के मध्य क्षति ग्रस्त पैदल मार्ग क्षेत्र से सोमवार को लोक निर्माण विभाग, केदारनाथ, वन्यजीव प्रभाग व ग्रामीणो द्वारा 6 तीर्थ यात्रियो को रेस्क्यू कर गौण्डार गांव पहुंचाया गया है। गौण्डार गांव पहुंचने के बाद सभी तीर्थ यात्री अपने गतव्यो को रवाना हो गये हैं। अब तक 160 तीर्थ यात्रियो का सुरक्षित रेस्क्यू कर उनके गंतव्यों के लिए भिजवाया गया है। सभी तीर्थ यात्रियो का सुरक्षित रेस्क्यू किए जाने पर तीर्थ यात्रियो ने जिला प्रशासन, केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग व स्थानीय ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया।
मदमहेश्वर यात्रा के आधार शिविर गौण्डार गांव मे पैदल मार्ग क्षति ग्रस्त होने से यात्रा पड़ावो पर सन्नाटा पसरने लगा है, मदमहेश्वर घाटी का तीर्थाटन, पर्यटन व्यवसाय खासा प्रभावित होने लगा है। लोक निर्माण विभाग द्वारा आपदा से क्षतिग्रस्त पैदल मार्ग को दुरुस्त करने के प्रयास तो किये जा रहे है मगर मदमहेश्वर घाटी मे बार – बार मूसलाधार बारिश होने तथा भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र के ऊपरी हिस्से से बोल्डरो के साथ मलवा आने से पैदल मार्ग को दुरुस्त करने मे बार – बार बाधा पहुंच रही है।
बता दे कि रविवार सुबह मदमहेश्वर घाटी मे हुई मूसलाधार बारिश के कारण द्वितीय केदार मदमहेश्वर यात्रा के आधार शिविर गौण्डार – बनातोली के मध्य सेडूग नाम तोक मे पचास मीटर पैदल मार्ग आपदा की भेंट चढ गया था तथा डी डी आर एफ , एस डी आर एफ , तहसील प्रशासन, लोक निर्माण विभाग व ग्रामीणो के सहयोग से 154 तीर्थ यात्रियो का रेकस्यू कर गौण्डार गाँव पहुंचाया गया था । सोमवार को दिल्ली के चार तथा श्रीनगर गढवाल के दो तीर्थ यात्रियो का रेकस्यू कर गौण्डार गांव पहुंचाया गया है तथा दो दिनो मे 160 तीर्थ यात्रियो का रेकस्यू किया गया। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियन्ता आर पी नैथानी ने बताया कि पैदल मार्ग का 50 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हो चुका था तथा पैदल मार्ग को आवाजाही लायक बनाने के यथासंभव प्रयास तो किये जा रहे है मगर बार – बार बारिश होने व भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र के ऊपरी हिस्से से बोल्डरो व मलवा आने से कार्य करनी मे बाधा पहुंच रही है । निवर्तमान प्रधान बीर सिंह पंवार ने बताया कि सभी तीर्थ यात्रियो की वापसी होने से यात्रा पड़ाव वीरान होने लगे है। गौण्डार निवासी विजय सिंह पंवार ने बताया कि भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र मे कार्य करना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।



