देवरियाताल व नागताल में सादगी के साथ मनाई गई श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, मूसलाधार बारिश में वीरान रहे पर्यटक स्थल

देवरियाताल व नागताल में सादगी के साथ मनाई गई श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, मूसलाधार बारिश में वीरान रहे पर्यटक स्थल
ऊखीमठ / फाटा। उत्तरकाशी धराली आपदा के कारण श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर पर्यटक स्थल देवरियाताल व नागताल मे लगने वाला भव्य मेला इस वर्ष स्थगित किया गया था। शनिवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर प्रातः से ही मूसलाधार बारिश होने से गुलजार रहने वाला पर्यटक स्थल देवरियाताल व नागताल वीरान रहे।
आपको बता दें कि देवरियाताल महोत्सव समिति द्वारा युगो से चली आ रही परम्परा को जीवंत रखने के लिए सारी गांव मे सादगी से भगवान श्रीकृष्ण की झांकी निकाल कर परम्परा को जीवित रखा गया। अन्य क्षेत्रो मे श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व धूमधाम से मनायी गयी।
जानकारी देते हुए देवरियाताल विकास महोत्सव समिति कार्यकारी अध्यक्ष योगेन्द्र नेगी ने बताया कि इस बार पर्यटक स्थल देवरियाताल मे लगने वाले मेले को भव्य रूप से मनाने का निर्णय लिया गया था मगर उत्तरकाशी धराली आपदा के कारण श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर पर्यटक स्थल देवरियाताल मे लगने वाले मेले को स्थगित किया गया था तथा परम्पराओ को जीवित रखने के लिए सारी गांव मे श्रीकृष्ण जन्माष्टमी सादगी से मनाई गयी।
वहीं केदारघाटी में फाटा के समीप स्थित प्राकृतिक झील नागताल में श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर लगने वाला मेला धराली में आई भयावह आपदा के कारण स्थगित रहा , तथा समिति के पदाधिकारियों एवं स्थानीय लोगों द्वारा झील में पूजा अर्चना की गई।
नागताल मेला समिति अध्यक्ष उमेंद्र रमोला ने बताया कि हर वर्ष प्राकृतिक झील नागताल में श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर भव्य मेले का आयोजन किया जाता रहा है जिसे इस वर्ष धराली में आई आपदा के कारण स्थगित किया गया। तथा जन्माष्टमी पर भगवान श्री कृष्ण एवं नाग देवता की पूजा की गई। युगों से चली आ रही परंपरा का आज भी निर्वहन किया गया। उन्होंने बताया कि नागताल झील में नागों का वास माना जाता है, इसी लिए इस स्थान पर भगवान श्री कृष्ण और नाग देवता की पूजा की जाती है।



