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स्कूलों में संचालित बसों के वाहन चालकों व परिचालकों को सुरक्षा को लेकर दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश

पुलिस उपाधीक्षक रुद्रप्रयाग ने जनपद में संचालित हो रहे निजी वाहनों को चेक कर दिये गये आवश्यक दिशा-निर्देश

रूद्रप्रयाग। निजी स्कूलों में संचालित होने वाली बसों को चैक कर वाहन चालकों व परिचालकों को जनपद पुलिस द्वारा आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये।

पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग के निर्देशन में पुलिस उपाधीक्षक रुद्रप्रयाग व यातायात प्रबोध कुमार घिल्डियाल ने शुक्रवार को सुबह कस्बा रुद्रप्रयाग के अन्तर्गत निजी स्कूलों में संचालित होने वाली बसों की चैकिंग कर वाहन चालकों व परिचालकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये। उनके द्वारा बस चालकों व परिचालकों से कहा कि आपका कार्य सामान्य वाहन चालकों से अधिक जिम्मेदारी भरा है। क्योंकि आम जनमानस के यातायात हेतु संचालित होने वाली बसों इत्यादि में यदि छोटे बच्चे यात्रा करते हैं तो उनकी देखभाल करने के लिए अभिभावक, परिजन या परिचित अवश्य होते हैं। और स्कूली बसों में बच्चों को सही ढंग से लाने व ले जाने की जिम्मेदारी आपकी ही होती है। हालांकि स्कूली बसों का रूट भले ही छोटा हो परन्तु वाहन संचालन यातायात नियमों का पालन करने के साथ होना चाहिए। विशेषकर बच्चों को वाहन में चढ़ाते समय व उतारते समय विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। उनके द्वारा वाहनों के फिटनेस, वाहन चालकों के ड्राईविंग लाईसेन्स इत्यादि चेक किये गये। साथ ही स्कूलों हेतु संचालित होने वाले स्कूल बसों की गाइड लाइन के अनुरूप बसों का संचालन किये जाने के निर्देश दिये गये। स्कूल बसों की नई गाइड लाइन के अनुसार बस चालन को न्यूनतम पॉच साल का भारी वाहन चलाने का अनुभव होना आवश्यक है। चालक का नजदीकी पुलिस सत्यापन होना अनिवार्य है। यदि वाहन चालक का यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर पूर्व में दो बार चालान हुआ है तो वह स्कूल बस चलाने हेतु अयोग्य होता है। किसी चालक का ओवर स्पीडिंग, खतरनाक तरीके से वाहन संचालन करने या शराब पीकर वाहन चलाने में चालान होता है तो वह स्कूल बस चलाने हेतु अयोग्य होता है। जिन वाहनों में महिला छात्राओं का परिवहन होता है उनमें महिला सहायक का होना आवश्यक है। वाहनों को निर्धारित गति सीमा के अन्दर संचालन होना आवश्यक है। निर्धारित संख्या में स्कूली बच्चों के बैठने की व्यवस्था एवं बैग इत्यादि रखने की समुचित व्यवस्था होनी आवश्यक है। सुरक्षा के लिए वाहन पर बंद दरवाजा होना अनिवार्य है, खुले दरवाजे वाले वाहन प्रतिबन्धित होंगे। वाहन चालक व परिचालक को बच्चों के नाम पता, ब्लड ग्रुप, रूट प्लान व रुकने के प्वाइंट की पूरी जानकारी होनी अनिवार्य है। वाहन में प्राथमिक उपचार बॉक्स व अग्निशमन यंत्र के होने के साथ ही इनके संचालन की जानकारी वाहन चालक व परिचालक को होना आवश्यक है। आने वाले समय में भी जनपद पुलिस के स्तर से यातायात नियमों के दृष्टिगत संचालित होने वाले वाहनों की नियमित रूप से चेकिंग कर यातायात नियमों का उल्लंघन होने पर उचित कार्यवाही की जायेगी। इस अवसर पर निजी स्कूलों के संचालक, प्रबन्धक, निरीक्षक यातायात रुद्रप्रयाग श्याम लाल सहित यातायात पुलिस के जवान भी उपस्थित रहे।

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