
केदारनाथ यात्रा में स्थानीय बेरोजगारों को मिले रोजगार, उक्रांद कार्यकर्ताओं एवं व्यापारियों ने की अपर जिलाधिकारी से मुलाकात,
मांगों पर कार्यवाही नहीं होने पर हाईवे जाम करने को विवश होंगे बेरोजगार,
रुद्रप्रयाग। श्रीकेदारनाथ धाम यात्रा में जनपद के युवाओं को रोजगार देने, बद्रीनाथ हाईवे के सिरोबगड़ का ट्रीटमेंट सहित अन्य मांगों को लेकर उक्रांद कार्यकर्ताओं एवं व्यापारियों ने अपर जिलाधिकारी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने ज्ञापन देते हुए शीघ्र मांगों पर कार्यवाही की मांग की ,साथ ही मांगों pr उचित कार्यवाही न हो पाने पर बद्रीनाथ एवं केदारनाथ हाईवे जाम करने चेतावनी भी दी।
बुधवार को उक्रांद कार्यकर्ता और व्यापारी डीएम कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने डीएम डाॅ सौरभ गहरवार के अनुपस्थित रहने पर अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा से मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंपा। उक्रंाद कार्यकर्ता एवं व्यापारियों ने कहा कि आगामी केदारनाथ धाम की यात्रा में जिले के बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिलना चाहिए। यात्रा के दौरान सोनप्रयाग, सीतापुर टैक्सी पार्किंग, प्रीपेड काउंटर व्यवस्था, टेंट कॉटेज एवं हेली सेवाओं में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। पिछले दस साल से प्रीपेड काउंटर का कार्य जम्मू कश्मीर की कपंनी को मिल रहा है, जबकि यहां के पढ़े-लिखे युवा रोजगार को लेकर दर-दर की ठोकरे खाने को मजबूर हैं। उन्हें अपने ही क्षेत्र में रोजगार नहीं मिल पा रहा है। बाहरी प्रदेशों के लोग यहां आकर इन पर राज कर रहे हैं। स्थानीय लोगों के पास केदारनाथ धाम की यात्रा ही एकमात्र रोजगार का जरिया है। ऐसे में स्थानीय लोगों को बाहर का रास्ता दिखाकर उनके हकों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इसके साथ ही हेली सेवाओं में भी स्थानीय लोगांे को कोई वरीयता नहीं मिल पा रही है।
उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश संगठन मंत्री एवं उक्रांद जिलाध्यक्ष बुद्धिबल्लभ ममगांई ने कहा कि सरकार और जिला प्रशासन दो दशक से सिरोबगड़ का ट्रीटमेंट नहीं कर पाया है। बरसाती सीजन में यहां पर देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कभी-कभार सिरोबगड़ में राजमार्ग दो से तीन दिन भी बंद हो जाता है, जबकि आये दिन सिरोबगड़ में दुर्घटनाएं हो रही हैं। ऐसे में तीर्थयात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सिरोबगड़ के विकल्प के रूप में बन रहे पपड़ासू-खांखरा बाईपास का निर्माण भी छः सालों से नहीं हो पाया है, जिस कारण दिक्कतें बढ़ गई हैं। इसके साथ ही उन्होंने अपर जिलाधिकारी से कहा कि रेलवे परियोजना में लगे स्थानीय लोगों को प्रोजेक्ट पूर्ण होने तक नहीं निकाला जाए। ऐसा करने से उनके सामने रोजी-रोटी की समस्या खड़ी हो जाएगी। इस मौके पर ब्लाॅक अध्यक्ष जखोली दीप प्रकाश भट्ट, देवेन्द्र चमोली, भगत चौहान लोकेश भट्ट सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।



